Report: Ratan kumar
Jamtara जामताड़ा जिले में अजय नदी के सतसाल घाट पर बालू माफियाओं का दुस्साहस चरम पर है। नियमों को ताक पर रखकर यहाँ पुल के बिल्कुल नीचे से अवैध रूप से बालू का उठाव किया जा रहा है। दिन-रात हो रहे इस अवैध खनन के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि करोड़ों रुपये की लागत से बना पुल भी अब खतरे की जद में है।

Jamtara पुल के पिलरों को भारी नुकसान की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, माफियाओं द्वारा पुल के पिलरों के ठीक पास से लगातार बालू निकाली जा रही है। इससे पुल की नींव धीरे-धीरे कमजोर होने लगी है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि आने वाली बरसात में नदी का बहाव तेज हुआ, तो नींव कमजोर होने के कारण पुल धराशायी हो सकता है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।
Jamtara NGT के कड़े निर्देशों की सरेआम अनदेखी
पुल के पास बालू उठाव को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त आदेश हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी पुल के 500 मीटर के दायरे में बालू का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन सतसाल घाट पर पुल के नीचे ही ट्रैक्टर लगाकर बालू निकाली जा रही है। बिना किसी माइनिंग चालान या विभागीय अनुमति के यह अवैध कारोबार चौबीसों घंटे धड़ल्ले से चल रहा है।
Jamtara एप्रोच रोड पर डंपिंग से बढ़ा हादसों का डर
नदी से अवैध रूप से निकाली गई बालू को पुल के मुख्य एप्रोच रोड पर ही डंप किया जा रहा है। इस अवैध डंपिंग के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन की चुप्पी को लेकर गहरा आक्रोश है और उन्होंने जिले के उपायुक्त से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।
Read this: Mumbai मुंबई पर जल संकट का साया: 15 मई से पूरे शहर में 10% पानी की कटौती, BMC ने जारी की गाइडलाइन





