Nainital: सुरक्षा दीवार से छेड़छाड़ पर भड़के लोग, 1987 आपदा की याद से दहशत

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Report by: Bhuwan Singh

Nainital: Nainital के हिमालय दर्शन मार्ग क्षेत्र में पहाड़ से गिरने वाले बोल्डरों को रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार से कथित छेड़छाड़ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से शिकायत की है। लोगों का कहना है कि वर्ष 1987 की भयावह आपदा की याद आज भी लोगों के मन में ताजा है और सुरक्षा दीवार में बदलाव किसी बड़े खतरे को न्योता दे सकता है।

Nainital: 1987 भूस्खलन की याद से डरे लोग

स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 1987 में नयना पीक (चाइना पीक) क्षेत्र से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से शेरवानी क्षेत्र और ब्रूखिल हॉस्टल, जो वर्तमान में एजी ऑफिस के रूप में जाना जाता है, को भारी नुकसान पहुंचा था।

उस घटना के बाद प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित इलाके में पत्थरों की मजबूत सुरक्षा दीवारें बनवाई थीं, जिन्होंने अब तक क्षेत्र को बड़े हादसों से सुरक्षित रखा है।

Nainital: निर्माण कार्य के दौरान दीवार से छेड़छाड़ का आरोप

क्षेत्र में इन दिनों पुरुषोत्तम नामक व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण के दौरान मुख्य सुरक्षा दीवार में बदलाव किया जा रहा है और उसे अपनी सुविधा के अनुसार शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है।

Nainital

इस खबर के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने इसे संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया है।

Nainital: PWD ने शर्तों के साथ दी थी अनुमति

जानकारी के मुताबिक संबंधित व्यक्ति को लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी।

अनुमति पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि निर्माण कार्य के दौरान रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट का पालन किया जाएगा और सड़क पर निर्माण सामग्री जमा नहीं की जाएगी। साथ ही यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि निर्माण के बाद दीवार का स्वामित्व लोक निर्माण विभाग का ही रहेगा। इसके अलावा भविष्य में यदि पहाड़ी से पत्थर गिरने या किसी दुर्घटना की स्थिति बनती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।

Nainital: स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की

स्थानीय निवासी Mayank Mehra ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की सहमति से सुरक्षा दीवार तोड़ी गई है।

उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भारी मलबा गिरा तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रतिबंधित है, वहां इतनी मात्रा में निर्माण सामग्री कैसे पहुंच रही है।

मयंक मेहरा ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Nainital: जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश

Lalit Mohan Rayal ने बताया कि क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था और उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 1987 में इसी क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ था, जिसके बाद आपदा मद से सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। उन्होंने एसडीएम और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके पर जाकर जांच करने और शिकायत का परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

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