Report: Vandna Rawat
Lucknow उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कुशल प्रबंधन और सक्रिय रणनीति के चलते रबी विपणन सत्र के तहत गेहूं खरीद अभियान ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 28 अप्रैल तक प्रदेश में 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की जा चुकी है। शासन की प्राथमिकता न केवल खरीद लक्ष्य को हासिल करना है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे और पारदर्शी तरीके से प्रदान करना भी है।

Lucknow DBT के जरिए सीधे खातों में भुगतान, बिचौलियों का खेल खत्म
प्रदेश सरकार ने इस बार भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब तक प्रदेश के 1,15,854 लाभार्थी किसानों को उनकी उपज के बदले 1318 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों (Direct Benefit Transfer) में किया जा चुका है। पंजीकरण से लेकर तौल और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से किसानों का भरोसा सरकारी केंद्रों के प्रति बढ़ा है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी केंद्र पर संसाधनों की कमी न हो और किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतज़ार न करना पड़े।

Lucknow पूर्वांचल का दबदबा: देवरिया जिला खरीद में प्रदेश में अव्वल
गेहूं खरीद के मामले में इस बार पूर्वांचल के जिलों ने प्रदेश के अन्य हिस्सों को पीछे छोड़ दिया है। देवरिया जिला 55.82% खरीद के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। देवरिया के अलावा बस्ती, प्रतापगढ़, बलरामपुर और संतकबीरनगर जिलों में भी प्रशासनिक तत्परता के कारण खरीद की रफ्तार काफी तेज है। इन जिलों में बेहतर प्रबंधन और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को एक सफल जनांदोलन का रूप दे दिया है।

Lucknow खराब मौसम की मार से सुरक्षा: गुणवत्ता मानकों में बड़ी राहत
Lucknow हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा संवेदनशील निर्णय लिया है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से अब:
- 70% तक चमकविहीन (Luster Loss) गेहूं की खरीद की जा रही है।
- 20% तक सिकुड़े या टूटे दानों वाले गेहूं को भी बिना किसी मूल्य कटौती के स्वीकार किया जा रहा है। इस राहत भरी घोषणा से उन हजारों किसानों को बड़ी सुरक्षा मिली है, जिनकी फसल बारिश की वजह से प्रभावित हुई थी। डिजिटल निगरानी और एमएसपी (MSP) की गारंटी के साथ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम छोर पर खड़े किसान को भी इस योजना का पूरा लाभ मिले।





