Superstition Murder : राजिम क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला
Superstition Murder : छत्तीसगढ़ के राजिम क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अंधविश्वास और झूठे इलाज की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। सिरसा बांधा इलाके में एक युवती की मौत के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Superstition Murder : झूठे इलाज के नाम पर हुआ शोषण
जानकारी के अनुसार, आरोपी ईश्वरी साहू ने योगिता सोनवानी नामक युवती को “यीशु मसीह की पद्धति” से इलाज करने का दावा किया। पीड़िता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसे दो महीने तक तथाकथित धार्मिक उपचार में रखा।
Superstition Murder : डर और अंधविश्वास का इस्तेमाल
परिजनों को जब लगा कि युवती की हालत बिगड़ रही है और वे उसे अस्पताल ले जाना चाहते थे, तो आरोपी ने उन्हें डराया। उसने कहा कि यदि उसे अस्पताल ले जाया गया तो यीशु मसीह नाराज हो जाएंगे और शैतान हावी हो जाएगा। इस डर के कारण परिजन भी भ्रम में पड़ गए।
Superstition Murder : अमानवीय इलाज से बिगड़ी हालत
आरोप है कि इलाज के दौरान पीड़िता के शरीर पर गर्म तेल और पानी से मालिश की जाती थी। यहां तक कि उसके ऊपर चढ़कर दबाव डाला जाता था, जिसे “चमत्कारी उपचार” बताया जाता था। इस अमानवीय व्यवहार के कारण उसकी पसलियां टूट गईं और हालत गंभीर होती चली गई।
Superstition Murder : अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत
जब तक परिजन उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश करते, तब तक युवती की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। अंततः उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और जांच शुरू हुई।
Superstition Murder : अदालत का बड़ा फैसला
मामले में 21 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी पाया। विशेष अदालत ने उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा दी गई है।
Superstition Murder : विशेष लोक अभियोजक का बयान
विशेष लोक अभियोजक उमाशंकर वर्मा ने बताया कि पर्याप्त सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला समाज में फैले अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है।
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