Report: Suresh kumar
Singrauli बैढ़न के गनियारी क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां, सिरिंज और रासायनिक अवशेष फेंके जा रहे हैं। मुक्तिधाम जैसे संवेदनशील मार्ग पर बिखरा यह कचरा स्थानीय निवासियों और मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

Singrauli नियमों की धज्जियां: सतना भेजने के बजाय सड़क पर कचरा
नियमों के मुताबिक, सिंगरौली जिले का समस्त बायोमेडिकल वेस्ट सतना स्थित अधिकृत निस्तारण कंपनी को भेजा जाना अनिवार्य है। इसके लिए बाकायदा परिवहन की व्यवस्था भी है। इसके बावजूद, निजी क्लीनिकों और अस्पतालों द्वारा इसे खुले में फेंकना न केवल घोर लापरवाही है, बल्कि बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट का सीधा उल्लंघन है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसमें सरकारी और निजी, दोनों ही स्वास्थ्य केंद्रों का कचरा शामिल हो सकता है।

Singrauli संक्रमण का खतरा: बच्चों और मवेशियों पर मंडराया संकट
खुले में पड़ी संक्रमित सुइयां, ब्लिस्टर पैक और रासायनिक अवशेष गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।
- मवेशियों के लिए खतरा: कचरे के साथ दवाइयां खाने से मवेशियों की जान जा सकती है।
- संक्रमण का डर: कचरे के पास से गुजरने वाले नागरिक और खेलने वाले बच्चे संक्रमण के सीधे निशाने पर हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Singrauli CMHO सख्त: टीम गठित, लाइसेंस होगा रद्द
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर पुष्पराज सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा:
“खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकना एक गंभीर अपराध है। हमने इस पर तुरंत एक जांच टीम गठित कर दी है। जो भी अस्पताल या नर्सिंग होम दोषी पाया जाएगा, उसका लाइसेंस निलंबित करने के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।”
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