BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi सोमवार को इजरायल और अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इन हमलों ने न केवल भारी जनहानि की है, बल्कि ईरान के सैन्य नेतृत्व को भी गहरा जख्म दिया है। ताजा हमलों में तेहरान स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के पास भीषण धमाके हुए, जिससे पूरा शहर काले धुएं की चादर में लिपट गया।

New Delhi रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख की मौत
ईरानी सरकारी मीडिया और इजरायली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खादेमी मारे गए हैं। उनका मारा जाना ईरान के सैन्य तंत्र के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कुल मिलाकर अब तक 25 से ज्यादा लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।

New Delhi राष्ट्रपति ट्रंप का ‘अल्टीमेटम’ और ‘नरक’ बनाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को खोलने के लिए सोमवार रात तक की समयसीमा (Deadline) दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा:

- पाषाण युग की चेतावनी: यदि समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे को तबाह कर उसे ‘पाषाण युग’ में धकेल देगा।
- मंगलवार का टारगेट: ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के लिए ‘बिजली संयंत्र दिवस’ और ‘पुल दिवस’ घोषित करने की धमकी दी है, जिसका सीधा मतलब बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले से है।
New Delhi ईरान का पलटवार: इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल अटैक
ईरान ने इन हमलों का जवाब मिसाइलों और ड्रोनों से दिया है:
- इजरायल पर हमला: उत्तरी इजरायली शहर हाइफा में ईरानी मिसाइलें गिरीं, जहाँ एक रिहायशी इमारत ढहने से 4 लोगों की मौत हो गई।
- खाड़ी देशों में अलर्ट: सऊदी अरब, कुवैत और यूएई ने अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) को सक्रिय कर दिया है ताकि ईरान से आने वाले खतरों को रोका जा सके।
New Delhi सीजफायर की कोशिशें और मौतों का आंकड़ा
हैरानी की बात यह है कि यह भीषण बमबारी उस समय हो रही है जब वॉशिंगटन और क्षेत्रीय मध्यस्थ 45 दिनों के संभावित संघर्ष विराम पर चर्चा कर रहे हैं।
- कुल मौतें: इस युद्ध में अब तक 1,900 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
- क्षेत्रीय नुकसान: लेबनान में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख बेघर हो गए हैं। इस जंग में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक और 11 इजरायली सैनिक भी अपनी जान गंवा चुके हैं।
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