Maternal Mortality Rate : माँ की जान बचाने में आगे बढ़ा भारत, मध्यप्रदेश की प्रगति राष्ट्रीय औसत से दोगुनी एमएमआर में 38 अंकों की गिरावट
Maternal Mortality Rate : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर माँ और हर नवजात का सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना सरकार का संकल्प है। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, तकनीक आधारित निगरानी और जमीनी स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के कारण प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

Maternal Mortality Rate : एसआरएस रिपोर्ट में मध्यप्रदेश का बेहतर प्रदर्शन
भारत सरकार के सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश में मातृ मृत्यु अनुपात वर्ष 2018-20 के 97 से घटकर 2022-24 में 87 प्रति एक लाख जीवित जन्म पर पहुंच गया है। वहीं मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है।प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात 2018-20 में 173 था, जो 2022-24 में घटकर 135 हो गया है। यानी प्रदेश में 38 अंकों की गिरावट दर्ज हुई है, जो लगभग 22 प्रतिशत कमी को दर्शाती है। यह सुधार राष्ट्रीय औसत से दोगुना से अधिक माना जा रहा है।
Maternal Mortality Rate : स्वास्थ्य अमले और तकनीक आधारित निगरानी का असर
उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्टाफ की उपलब्धता तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाओं के विस्तार से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
Maternal Mortality Rate : प्रदेश में मजबूत हुई स्वास्थ्य अधोसंरचना
राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। प्रदेश में प्रसव केंद्रों, प्रसूति गहन देखभाल इकाइयों (Obstetric HDU), फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) और CEmONC सुविधाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही ब्लड स्टोरेज यूनिट्स और रेफरल परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत बनाया गया है, जिससे गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज मिल पा रहा है।
Maternal Mortality Rate : ANMOL 2.0 और सुमन सखी चैटबॉट से मिल रही मदद
तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं ने भी मातृ मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ANMOL 2.0 एप्लीकेशन के माध्यम से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का रियल टाइम पंजीयन, जांच और फॉलोअप किया जा रहा है।वहीं “सुमन सखी चैटबॉट” के जरिए गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को 24×7 स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। “सुमन पहल” के तहत हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, ट्रैकिंग और प्राथमिकता आधारित प्रबंधन किया जा रहा है।
Maternal Mortality Rate : 2030 तक MMR को 70 से नीचे लाने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के माध्यम से मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्य (SDG) के तहत मातृ मृत्यु अनुपात को 70 से नीचे लाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
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