Encroachment Drive : नगर निगम कार्यालय पहुंचकर युवक ने उठाए सवाल, कहा– पहले सरकारी कब्जे हटाओ
REPORT : CHIRAG

Encroachment Drive : हिसार में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच उस समय अनोखा घटनाक्रम देखने को मिला, जब एक युवक JCB मशीन लेकर सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंच गया। युवक की इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई और कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। जानकारी के अनुसार मदद एनजीओ के संचालक संजीव भोजराज नगर निगम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों पर ही सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर आम लोगों की दुकानों और मकानों के बाहर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन सरकारी विभागों और अधिकारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। संजीव भोजराज ने दावा किया कि नगर निगम कार्यालय के बाहर करीब 140 गज सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में निष्पक्ष कार्रवाई करना चाहता है तो सबसे पहले सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों द्वारा किए गए कब्जों को हटाना चाहिए।
युवक ने लगाए ये प्रमुख आरोप :
नगर निगम के बाहर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
अधिकारियों के कब्जों पर कार्रवाई नहीं की जा रही।
हाईकोर्ट के आदेशों का चयनात्मक इस्तेमाल किया जा रहा है।
Encroachment Drive : “विरोध नहीं, सच्चाई दिखाने आया हूं” – संजीव भोजराज
मदद एनजीओ संचालक संजीव भोजराज ने कहा कि वह किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करने नहीं आए थे, बल्कि अधिकारियों को कथित अतिक्रमण दिखाने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए और सरकारी संपत्तियों पर हुए कब्जों की भी जांच करानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों द्वारा किए गए कथित कब्जों का भी खुलासा किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नगर निगम कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। JCB लेकर पहुंचे युवक को देखने के लिए लोग रुकते नजर आए। हालांकि मौके पर किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने शहर में चल रही अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मामले को लेकर उठ रहे सवाल :
क्या सरकारी विभागों पर भी समान कार्रवाई होगी?
क्या नगर निगम कथित कब्जों की जांच करेगा?
क्या प्रशासन अतिक्रमण अभियान में पारदर्शिता रख पाएगा?
क्या अन्य सरकारी कार्यालयों की भी जांच होगी?
फिलहाल नगर निगम की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





