संवाददाता:- खिलेश वर्मा
Bypass Land Dispute : वर्षों से अधूरी पड़ी बायपास सड़क बनी विवाद की वजह
Bypass Land Dispute : छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में वर्षों से अधूरी पड़ी बायपास सड़क अब नए विवादों में घिरती नजर आ रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधूरे पड़े प्रोजेक्ट का फायदा उठाकर भू-माफिया सरकारी अधिग्रहित जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

Bypass Land Dispute : खसरा नंबर 117/3 को लेकर बढ़ा विवाद
पूरा मामला खसरा नंबर 117/3 से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है और पुल को पाटकर कब्जे की कोशिश की जा रही है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह जमीन बायपास परियोजना से जुड़ी सरकारी भूमि है, लेकिन उस पर धीरे-धीरे अवैध कब्जा किया जा रहा है।
Bypass Land Dispute : विभागीय रिकॉर्ड में नहीं है मुआवजा प्रकरण
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि विभागीय नक्शों और रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नंबर 117/3 की भूमि बायपास परियोजना में शामिल ही नहीं है। इतना ही नहीं, इस जमीन से संबंधित कोई आधिकारिक मुआवजा प्रकरण भी अब तक दर्ज नहीं हुआ है।इसके बावजूद “मुआवजा नहीं मिलने” का हवाला देकर कब्जा करने की कोशिश किए जाने से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Bypass Land Dispute : स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बायपास निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। इसी का फायदा उठाकर कुछ भू-माफिया सरकारी जमीन को निजी कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग और प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
Bypass Land Dispute : विभाग ने क्या कहा?
PWD अधिकारियों का कहना है कि बायपास परियोजना से प्रभावित अधिकांश लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है और बाकी प्रकरणों की प्रक्रिया भी जारी है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जब संबंधित खसरा नंबर का कोई मुआवजा रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं है, तो फिर कब्जे का दावा किस आधार पर किया जा रहा है?
Bypass Land Dispute : बड़े भूमि घोटाले की आशंका
अब यह मामला केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी जमीन की सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो अधूरी पड़ी खैरागढ़ बायपास परियोजना भविष्य में बड़े भूमि घोटाले का रूप ले सकती है।
Bypass Land Dispute : जांच और कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा।

