Bhopal मध्य प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा संचालित ‘ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024’ आज प्रदेश के हजारों श्रमिक परिवारों के लिए प्रगति का नया मार्ग प्रशस्त कर रही है। यह योजना केवल एक वाहन सहायता नहीं, बल्कि उन हाथों को मजबूती देने का प्रयास है जो राष्ट्र निर्माण में अपना पसीना बहाते हैं। हाल ही में दमोह में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण सम्मेलन’ के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बदलाव की एक जीवंत तस्वीर पेश की।
Bhopal सायरा बी की कहानी: जब पहियों को मिले स्वावलंबन के पंख
दमोह की रहने वाली श्रमिक महिला सायरा बी के लिए अब काम पर जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें स्वयं ई-स्कूटर की चाबी सौंपी, जो उनके जीवन में एक बड़े बदलाव का संकेत है। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, भोपाल द्वारा इस योजना के तहत उन्हें 40,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अब सायरा बी को अपने दैनिक आवागमन के लिए किसी अन्य के सहारे की आवश्यकता नहीं है, जिससे उनके आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
Bhopal महिला सशक्तिकरण और आर्थिक सुदृढ़ीकरण का संगम
यह योजना विशेष रूप से उन महिला श्रमिकों को केंद्र में रखकर बनाई गई है, जो घर और कार्यस्थल के बीच लंबी दूरी तय करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-स्कूटर के माध्यम से आवागमन सुगम होने से:
- दैनिक संघर्ष में कमी: सार्वजनिक परिवहन या पैदल चलने की थकान से मुक्ति मिली है।
- आर्थिक गतिविधियों को गति: ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अब अधिक सक्रियता से काम कर पा रही हैं।
- सामाजिक पहचान: एक श्रमिक महिला का स्वयं के वाहन पर सवार होना समाज में उसकी एक मजबूत और स्वतंत्र पहचान स्थापित करता है।
Bhopal विकसित मध्य प्रदेश का एक ‘इलेक्ट्रिक’ संकल्प
‘ई-स्कूटर अनुदान योजना-2024’ न केवल व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बना रही है, बल्कि यह ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के व्यापक विजन का भी हिस्सा है। पर्यावरण के अनुकूल परिवहन (Electric Mobility) को बढ़ावा देकर सरकार प्रदूषण मुक्त भविष्य की नींव भी रख रही है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार की मंशा साफ हो, तो नीतियां कागजों से निकलकर सीधे जनता के दरवाजे तक पहुँचती हैं और ‘श्रमिक सशक्त, समृद्ध देश’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारती हैं।
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