BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior ग्वालियर स्थित प्रतिष्ठित शासकीय कमला राजा कन्या स्नातकोत्तर (KRG) स्वशासी महाविद्यालय ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल की है। कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई और श्री साईं एंटरप्राइजेज ‘दीप नीर’ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह साझेदारी न केवल परिसर में जल संचयन को बढ़ावा देगी, बल्कि छात्राओं को व्यावहारिक पर्यावरण प्रबंधन से भी जोड़ेगी।
Gwalior शैक्षणिक संस्थान और उद्योग के बीच साझा विज़न
इस समझौते का मुख्य आधार शैक्षणिक ज्ञान और औद्योगिक विशेषज्ञता का मिलन है। के.आर.जी. कॉलेज और ‘दीप नीर’ ने महसूस किया है कि जल संकट जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी अनिवार्य है। इस अनुबंध के तहत, दोनों संगठन अगले 36 महीनों तक जल प्रबंधन और टिकाऊ विकास की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। कॉलेज के संकाय सदस्य और एन.एस.एस. स्वयंसेवक ‘दीप नीर’ के साथ मिलकर नई तकनीकों और जागरूकता अभियानों का हिस्सा बनेंगे।

Gwalior परिसर की ऐतिहासिक ‘बावड़ी’ का होगा कायाकल्प
इस MoU का एक सबसे विशिष्ट और सराहनीय उद्देश्य कॉलेज परिसर में स्थित ऐतिहासिक बावड़ी (Babdi) की सफाई और जीर्णोद्धार करना है। पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने की यह मुहिम स्थानीय जल स्तर (Groundwater level) को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) के नए मॉडल स्थापित किए जाएंगे, जिससे बारिश के पानी की एक-एक बूंद को सहेजा जा सके और दैनिक गतिविधियों में पानी की बर्बादी को न्यूनतम किया जा सके।

Gwalior जागरूकता और कौशल विकास पर केंद्रित अभियान
यह गठबंधन केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा जन-जागरूकता और शिक्षा से जुड़ा है। इसके तहत:

- कार्यशालाएं और प्रशिक्षण: छात्राओं के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम और वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी ताकि वे भविष्य की ‘जल रक्षक’ बन सकें।
- समाज कल्याण की भावना: इस पूरे प्रोजेक्ट को सामाजिक सरोकार से जोड़ा गया है, जिसमें स्वयंसेवकों को समाज सेवा के बदले व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
- सतत निगरानी: कॉलेज के प्राचार्य और ‘दीप नीर’ के प्रमुख समय-समय पर इस साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे, ताकि लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।





