Report: Imran khan
Chhatarpur बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में पिछले दो-तीन दिनों से मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों और आम जनजीवन की कमर तोड़ दी है। जिले के नौगांव और बक्स्वाहा क्षेत्रों में रविवार को आए भीषण तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा से जहाँ खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें बर्बाद हो गई हैं, वहीं हादसों में जान-माल का भी नुकसान हुआ है।
Chhatarpur नौगांव में ‘सफेद आफत’: ओलों से ढकी सड़कें और खेत
नौगांव क्षेत्र में शाम होते ही अचानक आसमान में काले घने बादल छा गए। देखते ही देखते तेज आंधी के साथ बड़े आकार के ओले गिरना शुरू हो गए। लगभग आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि से पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया। ओलों की मार से गेहूं और चने की तैयार फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। सबसे ज्यादा मार उन किसानों पर पड़ी है जिन्होंने फसल काटकर खलिहानों में खुले में रखी थी। अचानक आई बारिश के कारण भारी मात्रा में गेहूं भीग गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
Chhatarpur बक्स्वाहा में हादसा: घर पर गिरा नीम का पेड़, दो बच्चे जख्मी
तेज आंधी का असर बक्स्वाहा क्षेत्र में सबसे भयानक दिखा। यहाँ हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पेड़ धराशायी हो गए। एक दुखद घटना में, एक विशाल नीम का पेड़ सीधे एक रिहायशी मकान पर जा गिरा। पेड़ गिरने से मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और घर के अंदर मौजूद दो बच्चे मलबे और टहनियों की चपेट में आने से घायल हो गए। घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है।

Chhatarpur किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का डर
ग्रामीण इलाकों से मिल रही शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने का अंदेशा है। किसानों का कहना है कि कटाई के ऐन वक्त पर आई इस ‘आफत’ ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब जिला प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की जा रही है।
Read this: Anuppur lodge accident : मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेज, NDRF और डॉग स्क्वॉड जुटे





