USA: ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना में बड़ा बदलाव हुआ है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अपने आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज समेत दो अन्य वरिष्ठ जनरलों को उनके पद से हटा दिया। पेंटागन ने गुरुवार को इस फैसले की जानकारी दी, लेकिन इसके पीछे का कारण सार्वजनिक नहीं किया। यह बदलाव ऐसे समय हुआ जब अमेरिका ईरान पर कार्रवाई कर रहा है।
USA: तत्काल प्रभाव से हुआ नेतृत्व परिवर्तन
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि जनरल रैंडी जॉर्ज को “तत्काल प्रभाव से” आर्मी के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से हटा दिया गया। जॉर्ज अगस्त 2023 से इस पद पर थे और उनका कार्यकाल आम तौर पर चार साल का होता है। यह नियुक्ति बाइडेन प्रशासन के दौरान हुई थी।
USA: नए कार्यवाहक आर्मी चीफ की नियुक्ति
रैंडी जॉर्ज की बर्खास्तगी के बाद जनरल क्रिस्टोफर ला नीव को नया कार्यवाहक आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। ला नीव अक्टूबर 2025 में वाइस चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त हुए थे और मात्र दो साल में यह पद संभालना उनकी तेज़ तरक्की माना जा रहा है।
USA: जनरल जॉर्ज की पृष्ठभूमि और अनुभव
जनरल जॉर्ज वेस्ट पॉइंट मिलिट्री अकादमी के स्नातक हैं और इन्फैंट्री अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पहला गल्फ वॉर, इराक और अफगानिस्तान में सेवा दी है। 2021-22 में वे बाइडेन प्रशासन के दौरान रक्षा सचिव के टॉप मिलिट्री एड भी रह चुके थे।
USA: टॉप कमांडरों में बड़े बदलाव
हेगसेथ ने जनरल जॉर्ज के अलावा आर्मी जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन को भी हटाया। इनमें डेविड होडने आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख थे, जबकि विलियम ग्रीन आर्मी के चीफ ऑफ चैप्लेंस (धर्मगुरु प्रमुख) थे। पिछले साल से ही हेगसेथ ने कई टॉप जनरल और एडमिरलों को पद से हटाया या समय से पहले रिटायर किया है।
USA: पूर्व बर्खास्तगी और ट्रंप प्रशासन का असर
जनरल जॉर्ज फरवरी 2025 में भी ट्रंप प्रशासन में बर्खास्तगी के निशाने पर थे लेकिन बच गए थे। ट्रंप प्रशासन के दौरान जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और कई अन्य टॉप कमांडरों को पद से हटाया गया या समय से पहले रिटायर कराया गया।





