US military buildup in Middle East: ईरान के साथ बढ़ते टकराव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत कर दिया है। इस क्रम में करीब 3500 मरीन सैनिकों और नौसैनिकों की नई टुकड़ी क्षेत्र में पहुंच चुकी है। मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों की निगरानी करने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस तैनाती की आधिकारिक पुष्टि की है।
US military buildup in Middle East: USS ट्रिपोली के साथ पहुंची नई ताकत
सेंट्रल कमांड के अनुसार, एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS ट्रिपोली इस पूरे दल के साथ क्षेत्र में तैनात हो चुका है। यह युद्धपोत आधुनिक तकनीक से लैस है और F-35 स्टील्थ फाइटर जेट तथा ओस्प्रे जैसे एडवांस सैन्य विमानों को ऑपरेट करने की क्षमता रखता है। दिलचस्प बात यह है कि लगभग दो सप्ताह पहले तक USS ट्रिपोली जापान में तैनात था, जिससे यह साफ होता है कि अमेरिका ने तेजी से अपनी रणनीतिक तैनाती बदली है।
US military buildup in Middle East: ईरान में जमीनी अभियान की तैयारी पर संकेत
अमेरिकी मीडिया, खासकर वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ईरान में संभावित जमीनी अभियान की तैयारी कर रहा है, जो कई हफ्तों तक चल सकता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस तरह के ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी देंगे या नहीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर ऐसा निर्णय लिया जाता है, तो यह संघर्ष का एक नया और अधिक खतरनाक चरण साबित हो सकता है।
US military buildup in Middle East: कैसा हो सकता है ग्राउंड ऑपरेशन?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित जमीनी अभियान पूर्ण पैमाने का युद्ध नहीं होगा। इसकी बजाय इसमें सीमित दायरे में ऑपरेशन किए जा सकते हैं।
इनमें स्पेशल ऑपरेशन फोर्स और सामान्य पैदल सेना की संयुक्त टुकड़ियों द्वारा छापेमारी जैसी रणनीति अपनाई जा सकती है। इसका उद्देश्य सीधे बड़े युद्ध में उलझने के बजाय चुनिंदा लक्ष्यों पर सटीक कार्रवाई करना होगा।
US military buildup in Middle East: एम्फीबियस फोर्स की भूमिका क्या होगी?
एम्फीबियस टुकड़ियां ऐसी सैन्य इकाइयां होती हैं जिन्हें समुद्र और जमीन दोनों मोर्चों पर तेजी से तैनात किया जा सकता है। इनका इस्तेमाल आमतौर पर रणनीतिक इलाकों को सुरक्षित करने, आपात स्थिति में लोगों को निकालने (evacuation) और तटीय क्षेत्रों में लक्षित हमले करने के लिए किया जाता है। USS ट्रिपोली जैसी जहाजों के जरिए ऐसी कार्रवाई को तेजी और मजबूती मिलती है।
US military buildup in Middle East: अन्य युद्धपोत और सैन्य संसाधन भी भेजे जा रहे
अमेरिका केवल USS ट्रिपोली तक सीमित नहीं है, बल्कि वह क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को और मजबूत कर रहा है।रिपोर्ट्स के अनुसार, USS बॉक्सर समेत सैन डिएगो से अन्य नौसैनिक इकाइयों को भी मिडिल ईस्ट की ओर भेजा जा रहा है, जिससे यह साफ है कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है।
US military buildup in Middle East: 10000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर भी विचार
इस नई तैनाती को अमेरिका की व्यापक सैन्य रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खबरें हैं कि पेंटागन मध्य पूर्व में 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति को अधिक सैन्य विकल्प उपलब्ध कराना और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की क्षमता बनाए रखना है।





