BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में प्रश्नपत्रों में किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था को ठेस पहुँचाने वाली कोई भी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने के भी निर्देश जारी किए हैं।
Lucknow पेपर सेटर्स के लिए कड़े नियम और MOU में बदलाव
हाल के दिनों में कई परीक्षाओं में महापुरुषों और विशिष्ट जातियों को लेकर पूछे गए विवादास्पद सवालों के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है।
- प्रतिबंध की चेतावनी: सीएम ने निर्देश दिया है कि ‘हैबिचुअल ऑफेंडर्स’ (बार-बार गलती करने वाले पेपर सेटर्स) को तत्काल प्रतिबंधित (Blacklist) किया जाए।
- अनुबंध में संशोधन: अब पेपर सेटर्स के साथ किए जाने वाले एमओयू (MoU) में स्पष्ट रूप से यह शर्त जोड़ी जाएगी कि प्रश्नपत्र की भाषा मर्यादित और तटस्थ होनी चाहिए। किसी भी संप्रदाय की मर्यादा के विरुद्ध टिप्पणी कानूनी कार्रवाई का आधार बनेगी।
Lucknow ‘पंडित’ शब्द विवाद के बाद जागा प्रशासन
मुख्यमंत्री की यह सख्ती हाल ही में यूपी पुलिस एसआई (SI) भर्ती परीक्षा के दौरान उपजे विवाद का परिणाम है।
- विवाद की जड़: उक्त परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को लेकर एक विवादास्पद विकल्प दिया गया था, जिससे सामाजिक और राजनीतिक आक्रोश पैदा हुआ।
- भविष्य की तैयारी: मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्डों को यह सुनिश्चित करना होगा कि चयन प्रक्रिया केवल योग्यता पर आधारित हो, न कि किसी की भावनाओं को आहत करने का माध्यम बने।
Lucknow बारिश से फसलों के नुकसान पर ‘मुआवजा’ मिशन
प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों की सुध ली है।
- ग्राउंड रिपोर्ट का आदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारियों (DM) को स्वयं फील्ड में जाकर फसलों के नुकसान का आकलन करने को कहा गया है।
- समयबद्ध भुगतान: राहत आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय बनाएं ताकि सर्वे रिपोर्ट मिलते ही प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की राशि भेजी जा सके।





