BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior ग्वालियर की माटी ने एक बार फिर कला के क्षेत्र में अपनी चमक बिखेरी है। शहर के उभरते हुए अभिनेता मोनू गुर्जर ने मायानगरी मुंबई में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ग्वालियर का नाम रोशन किया है। छोटे से गांव से निकलकर बड़े पर्दे तक का उनका सफर आज शहर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

Gwalior टिकटोली गांव से सपनों की नगरी तक का सफर
ग्वालियर के टिकटोली गांव के रहने वाले मोनू गुर्जर ने जब अभिनय की दुनिया में कदम रखने का सपना देखा था, तो राह आसान नहीं थी। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर उन्होंने सपनों की नगरी मुंबई में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के, केवल अपने टैलेंट के बल पर उन्होंने आज बॉलीवुड में नायक (Hero) के रूप में अपनी जगह सुनिश्चित की है।

Gwalior फिल्म ‘ज़ख्मी परिंदा’ में मुख्य भूमिका
मोनू गुर्जर हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘ज़ख्मी परिंदा’ में लीड हीरो के किरदार में नजर आए हैं। इस फिल्म के जरिए उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म का निर्देशन अनुभवी डायरेक्टर राजू बी चौहान ने किया है और इसके प्रोड्यूसर रामेश्वर चौधरी हैं। मोनू के इस किरदार को दर्शकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।

Gwalior ऑल इंडिया रिलीज के साथ मिली नई पहचान
गौरतलब है कि मोनू गुर्जर की यह फिल्म ऑल इंडिया लेवल पर रिलीज हुई है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। ग्वालियर जैसे शहर से निकलकर मुंबई के कड़े मुकाबले में खुद को स्थापित करना मोनू की सफलता की कहानी को बयां करता है। फिल्म की रिलीज के बाद ग्वालियर स्थित उनके गांव और शहर में खुशी का माहौल है और लोग इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।





