Aaj ka Panchang: आज 1 मई 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि होने के कारण आज बुद्ध पूर्णिमा, सत्यपूर्णिमा व्रत और वैशाखी पूर्णिमा मनाई जा रही है। यह दिन पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
ग्रह-नक्षत्र और योग का प्रभाव
ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज स्वाती नक्षत्र और सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद अनुकूल है। हालांकि दिन के बाद व्यतिपात योग भी बनेगा, इसलिए महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।
राहुकाल और दिशा शूल की जानकारी
आज राहुकाल सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए।
वहीं, आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना गया है।
आज का चौघड़िया मुहूर्त
आज के दिन कई शुभ चौघड़िया उपलब्ध हैं, जिनमें कार्य करना लाभकारी रहेगा:
- चर: सूर्योदय से 7:30 AM
- लाभ: 7:30 AM – 9:08 AM
- अमृत: 9:08 AM – 10:46 AM (अत्यंत शुभ)
- शुभ: 12:24 PM – 2:02 PM
- चर: 5:17 PM – सूर्यास्त
तिथि, नक्षत्र और करण
- तिथि: पूर्णिमा रात्रि 10:53 तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र: स्वाती (रात्रि 4:35 तक), फिर विशाखा
- योग: सिद्धि योग (रात्रि 9:13 तक), फिर व्यतिपात
- करण: विष्टि (10:03 AM तक), फिर बव
विशेष पर्व और व्रत
आज कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर हैं:
- बुद्ध पूर्णिमा
- कूर्म जयंती
- सत्यपूर्णिमा व्रत
- पीपल पूनम
- विश्व मजदूर दिवस
- वैशाख स्नान समापन
यह दिन दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
चंद्रमा की स्थिति और उसका प्रभाव
आज चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में स्थित रहेगा। यह स्थिति संतुलन, सौंदर्य और रिश्तों में सामंजस्य बढ़ाने वाली मानी जाती है। आज भावनात्मक स्थिरता और कूटनीतिक निर्णय लेने की क्षमता बढ़ सकती है।
आज जन्मे बच्चों का भविष्यफल
आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी। स्वाती और विशाखा नक्षत्र के प्रभाव के कारण ये बच्चे आकर्षक व्यक्तित्व, कलात्मक रुचि और बुद्धिमान स्वभाव के होंगे।
इनके नाम रू, रे, रो, ता, ती अक्षरों से रखना शुभ रहेगा।
1 मई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। शुभ योगों के साथ यह दिन नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और दान के लिए अनुकूल है, लेकिन राहुकाल और दिशा शूल का ध्यान रखना जरूरी है।





