Sehore मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खेतों में आग लगने का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर स्थित चांदबढ़ गांव का है, जहाँ एक किसान के खेत में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 10 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक किसान की लाखों रुपये की उपज जलकर खाक हो चुकी थी।

Sehore कटाई की तैयारी थी, पर किस्मत में थी तपन
चांदबढ़ गांव के बाहर स्थित इस खेत में किसान और मजदूर गेहूं काटने की तैयारी में जुटे ही थे, तभी अचानक खेत के एक हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं।
- तेज हवाओं ने भड़काई आग: आग लगने के बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और पानी की मदद से उसे बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन दोपहर की तेज हवाओं ने लपटों को घी का काम किया। आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही कई एकड़ का रकबा काला पड़ गया।
- देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड: ग्रामीणों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं, तब तक सब कुछ बर्बाद हो चुका था।
Sehore “उधार लेकर की थी खेती, अब कैसे होगा गुजारा?”
इस अग्नि हादसे ने पीड़ित किसान की कमर तोड़ दी है। रोते हुए किसान ने बताया कि उसने बीज, खाद और जुताई के लिए साहूकारों से कर्ज लिया था। उसे उम्मीद थी कि फसल कटने के बाद कर्ज चुकाकर घर की जिम्मेदारियां पूरी करेगा, लेकिन इस भीषण अग्निकांड ने उसे दाने-दाने को मोहताज कर दिया है। पीड़ित ने अब प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
Sehore जिले में थमनें का नाम नहीं ले रहे हादसे
सीहोर जिले में पिछले कुछ दिनों से खेतों में आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। कहीं बिजली के तारों से निकली चिंगारी तो कहीं भीषण तपन के कारण फसलें आग की भेंट चढ़ रही हैं। इन हादसों ने जिला प्रशासन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





