Madhya Pradesh मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को शुजालपुर में आयोजित सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा कोई पुण्य नहीं है और राज्य सरकार बेटियों के सम्मान, सशक्तिकरण तथा सामाजिक सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सम्मेलन में 200 बेटियों का विवाह और निकाह संपन्न हुआ, जिन्हें मुख्यमंत्री ने उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

Madhya Pradesh “फिजूलखर्ची से बचें, सामूहिक विवाह अपनाएं”
मुख्यमंत्री ने समाज में बढ़ रही विवाह की फिजूलखर्ची पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों से ‘मितव्ययिता’ अपनाने का आव्हान किया।

- स्वयं का उदाहरण: डॉ. यादव ने एक प्रेरणादायी खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने स्वयं के पुत्र का विवाह भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही कराया है। * बचत का संदेश: उन्होंने अपील की कि दिखावे में धन बर्बाद करने के बजाय सामान्य समारोह या सामूहिक सम्मेलनों में विवाह करें और बचे हुए धन का उपयोग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए करें।
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना: एक वरदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटी के जन्म के साथ ही माता-पिता को उसकी शादी की चिंता सताने लगती थी, लेकिन अब सरकार इस जिम्मेदारी को निभा रही है।

- वित्तीय सहायता: योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थी जमाने के लिए सरकार की ओर से 49-49 हजार रूपए की राशि प्रदान की जा रही है।
- सशक्तिकरण: जन्म, शिक्षा, लाड़ली लक्ष्मी, मातृत्व से लेकर विवाह तक सरकार हर कदम पर बहनों-बेटियों के साथ एक अभिभावक की तरह खड़ी है।
Madhya Pradesh शुजालपुर में सर्व धर्म सद्भाव का संगम
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में सामाजिक समरसता की अनूठी तस्वीर दिखी।
- आंकड़े: कुल 200 जोड़ों में से 162 बेटियों का वैदिक विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का ‘कबूलियत निकाह’ कराया गया।
- मंत्री का संदेश: इंदर सिंह परमार ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना ने सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है और यह फिजूलखर्ची रोकने का सबसे सशक्त माध्यम है।





