BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और इजरायल-अमेरिका के हवाई हमलों के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। शुक्रवार को जब तेहरान की धरती मिसाइल धमाकों से दहल रही थी, तब राष्ट्रपति पेजेश्कियन बेखौफ होकर कुद्स डे रैली में शामिल होने ‘फर्डोसी स्क्वायर’ पहुँच गए। उन्हें अपने बीच देख प्रदर्शनकारी दंग रह गए और लोगों ने सेल्फी लेकर व उनका माथा चूमकर उनके साहस की सराहना की।
New Delhi धमाकों और धुएं के बीच ‘निडर’ मार्च
ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। शुक्रवार को जब राष्ट्रपति रैली में पैदल मार्च कर रहे थे, ठीक उसी समय फर्डोसी स्क्वायर के पीछे वाले हिस्से में मिसाइलें गिरीं।
- लाइव वीडियो: राज्य मीडिया द्वारा साझा किए गए वीडियो में राष्ट्रपति के पीछे से धुएं का गुबार उठता देखा जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद न तो पेजेश्कियन रुके और न ही प्रदर्शनकारी पीछे हटे।
- नारेबाजी: राष्ट्रपति ने हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर “इजराइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाए और फिलिस्तीन के प्रति एकजुटता जाहिर की।
New Delhi पश्चिमी नेताओं की सुरक्षा बनाम पेजेश्कियन की दिलेरी
खामेनेई की मृत्यु के बाद पहली बार पेजेश्कियन इस तरह सार्वजनिक रूप से सड़कों पर नजर आए हैं। इस घटना ने एक नई बहस छेड़ दी है।
- सुरक्षा का सवाल: एक तरफ जहाँ अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य पूर्व नेताओं की सुरक्षा ‘सीक्रेट सर्विस’ ने ईरानी खतरे के मद्देनजर बढ़ा दी है, वहीं पेजेश्कियन बिना किसी बुलेटप्रूफ घेरे के जनता के बीच टहलते दिखे।
- अस्पताल का दौरा: रैली के बाद राष्ट्रपति ने अस्पताल जाकर युद्ध में घायल हुए आम नागरिकों और सैनिकों से मुलाकात की और उनका ढांढस बंधाया।
New Delhi “जवाब देना हमारा हक”: पेजेश्कियन
अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए पेजेश्कियन ने दोहराया कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के पक्ष में है, लेकिन अपनी संप्रभुता पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों का जवाब देना उसका कानूनी अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की प्रतिरोध भावना (Resistance Spirit) पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।





