opposition-protest : नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला सप्ताह काफी हंगामेदार रहा। शुक्रवार को भी लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्षी दलों के विरोध के कारण कई बार व्यवधान उत्पन्न हुआ। स्थिति ऐसी बनी कि सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
opposition-protest : दरअसल, जब दूसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के कई सांसद नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। इस दौरान कुछ सांसद अपने साथ खाने-पीने का सामान भी लेकर आए थे और उसी के साथ विरोध प्रदर्शन करने लगे।
opposition-protest : इस घटनाक्रम पर संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंचती है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता और उनके साथी सांसद लगातार सदन की कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।

opposition-protest : तय एजेंडे पर चर्चा नहीं होने दे रहा विपक्ष
रिजिजू ने बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स पर चर्चा का कार्यक्रम पहले से तय किया गया था और इसके बाद वित्त मंत्री को जवाब देना था। इसके बाद प्राइवेट मेंबर बिलों के लिए समय निर्धारित था।
उन्होंने कहा कि इस बैठक में विपक्ष के प्रतिनिधि भी मौजूद थे और सभी की सहमति से यह कार्यक्रम तय हुआ था। बावजूद इसके विपक्षी सांसद सदन में हंगामा कर रहे हैं।
opposition-protest : ‘नाटकीय प्रदर्शन से जनता का ध्यान खींचने की कोशिश’
opposition-protest : संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता थाली-गिलास जैसे सामान लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जो केवल नाटकीयता दिखाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता ऐसी हरकतों को पसंद नहीं करती।
रिजिजू ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार करें और संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने दें।





