Mohit Jain
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख खालिदा जिया का आज सुबह 6 बजे 80 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले 20 दिन से वेंटिलेटर पर थीं। खालिदा जिया लंबे समय से किडनी, लिवर, हार्ट, डायबिटीज, गठिया और आंखों की समस्या से जूझ रही थीं। उनके परिवार और पार्टी नेताओं ने निधन की पुष्टि की है।
#WATCH | Bangladesh | Visuals from outside of Evercare Hospital, Dhaka, where Bangladesh's first female Prime Minister, Khaleda Zia, passed away earlier today, at the age of 80. pic.twitter.com/2lEzDYX818
— ANI (@ANI) December 30, 2025
चुनावी नामांकन के एक दिन बाद स्वास्थ्य बिगड़ा
खालिदा जिया ने सोमवार 29 दिसंबर को ही बोगुरा-7 सीट से चुनावी नामांकन दाखिल किया था। उस समय उनकी तबीयत नाजुक थी और वे वेंटिलेटर पर थीं। BNP ने इसके बावजूद उन्हें चुनाव लड़ने का फैसला किया। बोगुरा-7 सीट BNP के लिए खास महत्व रखती है, क्योंकि इसी क्षेत्र में उनके पति और BNP के संस्थापक जियाउर रहमान का घर था।
विदेशी डॉक्टरों की टीम द्वारा इलाज
23 नवंबर को खालिदा जिया को ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विदेश से आए डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी। 11 दिसंबर से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके बड़े बेटे और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान हाल ही में 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे थे और अस्पताल में उनसे मिले।

राजनीतिक जीवन और उपलब्धियां
खालिदा जिया 1991 से 1996 और 2001 से 2006 तक दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं। 1981 में पति की हत्या के बाद उन्होंने BNP की कमान संभाली और 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
विवाद और आरोप
खालिदा जिया पर राजनीतिक विरोधियों और भारत-बांग्लादेश संबंधी कुछ आरोप भी लगते रहे। अवामी लीग और कुछ मीडिया रिपोर्टों ने उन पर पाकिस्तान समर्थक होने और भारत विरोधी रुख रखने का आरोप लगाया। हालांकि BNP और उनके समर्थक इन आरोपों को हमेशा खारिज करते रहे।

कानूनी परेशानियां और सजा
8 फरवरी 2018 को उन्हें जिया अनाथालय ट्रस्ट के नाम पर सरकारी पैसे के गबन के मामले में 5 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 10 साल कर दिया। 6 अगस्त 2024 को उन्हें रिहा किया गया और बेहतर इलाज के लिए लंदन भेजा गया।
राजनीतिक विरोधी शेख हसीना
खालिदा जिया और अवामी लीग की नेता शेख हसीना के बीच बांग्लादेश की राजनीति में लंबी और कटु प्रतिद्वंद्विता रही। दोनों नेताओं की प्रतिस्पर्धा को मीडिया में ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ के नाम से जाना जाता था।





