BY: Yoganand Shrivastava
Dehli news: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक मुस्लिम महिला के हिजाब को हटाने को लेकर लगातार आलोचना हो रही है। अब जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “अस्वीकार्य” और “पिछड़ी सोच का प्रतीक” बताया है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं। उन्होंने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती से जुड़ी एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान महबूबा मुफ्ती ने भी एक पोलिंग स्टेशन में वैध वोटर का बुर्का हटवाया था। उमर ने इसे पिछड़ी सोच का सिलसिला बताया और कहा कि नीतीश कुमार से जुड़ी हालिया घटना भी उतनी ही शर्मनाक है।
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि किसी महिला को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री किसी अपॉइंटमेंट लेटर को देने से पीछे हटना चाहते थे, तो यह निजी स्तर पर किया जा सकता था, लेकिन सार्वजनिक अपमान पूरी तरह गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे नीतीश कुमार की सच्चाई सामने आ रही है, जिन्हें कभी धर्मनिरपेक्ष और समझदार नेता माना जाता था।
वित्तीय मुद्दों पर बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू और कश्मीर वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर नहीं है और भारत सरकार पर निर्भर है। UT बनने के बाद केंद्रीय टैक्स का हिस्सा बंद हो गया है, जिससे बजट पर दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद उनकी सरकार ने पिछले 15–16 महीनों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है और किसी भी सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मामले में जवाबदेही स्वीकार करने को तैयार हैं।





