Middle East संकट के बीच NSA अजीत डोभाल का सऊदी दौरा, क्षेत्रीय हालात और रिश्तों पर की अहम चर्चा

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
https://swadeshlive.com/middle-east-crisis-ajit-doval-saudi-arabia-visit/

Middle East: मध्य-पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत ने कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval रविवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे।

रियाद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत भारत के राजदूत सुहेल खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने किया। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के साथ-साथ भारत-सऊदी संबंधों को और मजबूत करना रहा।

Middle East: सऊदी नेतृत्व के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठकें

रियाद में अपने दौरे के दौरान अजीत डोभाल ने सऊदी अरब के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकों में हिस्सा लिया।

उन्होंने सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud, ऊर्जा मंत्री Abdulaziz bin Salman Al Saud और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Musaid Al Aiban से मुलाकात की।

इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

Middle East: पश्चिम एशिया के हालात पर मंथन

बैठकों के दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके प्रभावों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा हालात में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही, सहयोग और संवाद के जरिए तनाव कम करने के प्रयासों पर जोर दिया गया।

Middle East: भारतीय दूतावास ने साझा की जानकारी

Embassy of India Riyadh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इन बैठकों की जानकारी दी।

पोस्ट में बताया गया कि वार्ताओं के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की।

Middle East: पाकिस्तान में वार्ता की पृष्ठभूमि में भारत की सक्रियता

अजीत डोभाल का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत की चर्चा चल रही है।

इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच पहला दौर आयोजित हुआ था, जो किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हो गया था।

Middle East: भारत की रणनीति: रिश्तों को मजबूत करने पर फोकस

मौजूदा हालात को देखते हुए भारत मिडिल ईस्ट के देशों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

भारत की प्राथमिकताओं में खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

Middle East: बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक संतुलन जरूरी

मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत संतुलित कूटनीति अपनाते हुए अपने हितों को सुरक्षित रखने की दिशा में काम कर रहा है।

अजीत डोभाल की यह यात्रा इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संवाद बढ़ाना और सहयोग को मजबूत करना है।

read also: Nepal की नई कस्टम नीति पर बवाल, 100 रुपये से ज्यादा सामान पर टैक्स से भड़के लोग

Raipur Police: रायपुर में पुलिस का बड़ा चेकिंग अभियान, बीएसयूपी कॉलोनी के 300 से ज्यादा मकानों की हुई जांच

Raipur Police: 100 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने चलाया सघन सत्यापन अभियान

Madrasa Demolition: भिलाई में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर

Madrasa Demolition: अय्यप्पा नगर में निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई,

CG TOP 10: विकास परियोजनाओं से लेकर हाईकोर्ट के फैसले तक

1. CG TOP 10: जांजगीर-चांपा में 295 करोड़ के विकास कार्यों की