Nepal: नेपाल में नई कस्टम (भंसार) नीति को सख्ती से लागू किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। काठमांडू के मेयर Balen Shah की सरकार के निर्देश के बाद भारत से आने वाले सामान पर नियम कड़े कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत 100 नेपाली रुपये से अधिक कीमत वाले हर सामान पर टैक्स लगाने का प्रावधान लागू किया गया है। हालांकि यह नियम पहले से मौजूद था, लेकिन अब तक इसे व्यावहारिक कारणों से लागू नहीं किया जा रहा था।
Nepal: सीमा इलाकों में बढ़ी सुरक्षा और निगरानी
सरकार के फैसले के बाद नेपाल की सशस्त्र पुलिस ने भारत से सटी सीमा चौकियों पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। दक्षिणी मैदानी इलाकों में विशेष तौर पर जांच तेज कर दी गई है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन पर असर पड़ रहा है।
यह कदम लागू होते ही सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
Nepal: बीरगंज में प्रदर्शन, लोगों की नाराजगी
भारत-नेपाल सीमा से सटे Birgunj में इस फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से सस्ते और जरूरी सामान के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजमर्रा के इस्तेमाल से लेकर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों तक के लिए वे भारत से सामान लाते हैं। यहां तक कि खेती के लिए जरूरी खाद भी कई बार समय पर नेपाल में उपलब्ध नहीं हो पाती।
Nepal: सीमा संवाद समूह ने उठाई नीति बदलने की मांग
Nepal India Open Border Dialogue Group ने सरकार से इस नीति में तुरंत संशोधन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यह नियम सीमावर्ती इलाकों के लोगों पर अनावश्यक बोझ डाल रहा है।
जारी बयान में भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों का हवाला देते हुए सरकार से जनहित में व्यावहारिक कदम उठाने की अपील की गई है।
Nepal: 100 रुपये सीमा खत्म करने की मांग
संगठन और स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि 100 नेपाली रुपये से अधिक के सामान पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को तत्काल समाप्त किया जाए।
उनका तर्क है कि यह नियम खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रभावित करता है। साथ ही, इसे लागू करना भी जमीनी स्तर पर मुश्किल है। इसके बजाय घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर शून्य शुल्क रखने की मांग की गई है।
Nepal: सरकार ने तस्करी रोकने का दिया तर्क
वहीं, सीमा शुल्क विभाग के निदेशक Kishor Bartoula ने इस फैसले का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह कदम तस्करी पर रोक लगाने के लिए जरूरी है।
उन्होंने बताया कि तस्कर अक्सर आम लोगों के जरिए छोटे-छोटे सामान मंगवाते हैं और बाद में उन्हें इकट्ठा कर बड़े स्तर पर बेचते हैं। ऐसे में यह नियम तस्करी को सीमित करने में मदद करेगा।
Nepal: भारतीय वाहनों की एंट्री पर भी सख्ती
नई नीति के तहत भारत में रजिस्टर्ड निजी वाहनों के नेपाल में प्रवेश को लेकर भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब बिना पूर्व अनुमति के ऐसे वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
पहले भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहन आसानी से नेपाल में देखे जाते थे, लेकिन अब इस पर रोक लगाने से मधेश क्षेत्र के सीमावर्ती जिलों में लोगों को परेशानी हो रही है।
Nepal: स्थानीय राजनीति में भी बढ़ी हलचल
सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक दलों और स्थानीय संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह निर्णय मधेश क्षेत्र के लोगों की वास्तविक जरूरतों और जीवनशैली को नजरअंदाज करता है।
इस मुद्दे ने स्थानीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है और सरकार पर दबाव बनता दिख रहा है।
Nepal: भारत ने भी बढ़ाई सख्ती
नेपाल के इस फैसले के बाद भारत की ओर से भी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। भारतीय अधिकारी नेपाल आने-जाने वाले लोगों की सख्ती से जांच कर रहे हैं।
अब पैदल और साइकिल से सीमा पार करने वालों की भी जानकारी दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही, सीमा पार करने वाले सभी लोगों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
Nepal: सीमा पर असर, रिश्तों पर भी पड़ सकता है प्रभाव
इस पूरे घटनाक्रम का असर न केवल सीमावर्ती इलाकों के लोगों पर पड़ रहा है, बल्कि भारत-नेपाल के पारंपरिक संबंधों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अब देखना होगा कि सरकार इस विरोध के बीच क्या फैसला लेती है और क्या इस नीति में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।
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