Iran Rejects US Talks: तेहरान से बड़ी खबर सामने आई है, जहां ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल होने से अचानक इनकार कर दिया है। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली थी, जिसकी तैयारियां भी चल रही थीं।
ईरान के इस फैसले ने दोनों देशों के बीच तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है और कूटनीतिक प्रयासों को झटका लगा है।
Iran Rejects US Talks: आधिकारिक एजेंसी IRNA ने दी जानकारी
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस फैसले की पुष्टि की।
एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह शांति वार्ता के दूसरे चरण में भाग नहीं लेगा और इसके पीछे कई गंभीर कारण बताए गए हैं।
Iran Rejects US Talks: अमेरिका की नीतियों पर उठाए सवाल
IRNA के अनुसार, ईरान ने अमेरिका पर कई आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि वाशिंगटन की ओर से अत्यधिक मांगें रखी जा रही हैं, जो व्यवहारिक नहीं हैं।

इसके अलावा, अमेरिका के रुख में लगातार बदलाव, बयानबाजी में विरोधाभास और नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखना भी ईरान के फैसले की बड़ी वजह बताया गया है। ईरान इन कार्रवाइयों को सीजफायर का उल्लंघन मान रहा है।
Iran Rejects US Talks: Donald Trump की धमकी के बाद बढ़ा तनाव
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा था कि अगर ईरान प्रस्तावित समझौते को अस्वीकार करता है, तो अमेरिका उसके अहम इंफ्रास्ट्रक्चर—जैसे पावर प्लांट और पुल—को निशाना बना सकता है।
ट्रंप ने यह भी बताया था कि अमेरिकी टीम इस्लामाबाद में वार्ता के लिए जा रही है और एक नई “पारदर्शी और उचित” डील पेश की जाएगी।
Iran Rejects US Talks: होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, यह कार्रवाई सीजफायर का उल्लंघन है।
उन्होंने दावा किया कि इस गोलीबारी में एक फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटेन के एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
Iran Rejects US Talks: युद्धविराम से पहले बढ़ी अनिश्चितता
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब मौजूदा सीजफायर की समयसीमा खत्म होने वाली है। ऐसे में इस फैसले से तनाव कम होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
ईरान ने वार्ता टूटने के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा सकता है।
Iran Rejects US Talks: मिडिल ईस्ट में संकट गहराने के संकेत
ईरान के इस फैसले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं। जहां एक ओर सैन्य गतिविधियां तेज़ हो रही हैं, वहीं कूटनीतिक समाधान की राह भी मुश्किल होती जा रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच बातचीत की कोई नई पहल सामने आती है या नहीं।
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