Maternal Infant Mortality : यूनिसेफ एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में धर्म गुरूओं के साथ संवाद कार्यक्रम संपन्न
Maternal Infant Mortality : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर को कम करने में सभी की सहभागिता आवश्यक है। हम सबको संकल्प लेना है कि युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए कोई कसर छोड़नी नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म गुरूओं का दायित्व है कि वे समाज को जागरूक करें ताकि प्रदेश एवं रीवा जिले में शिशु मृत्युदर व मातृ मृत्युदर में अपेक्षित कमी लाई जा सके।

Maternal Infant Mortality : कलेक्ट्रेट रीवा के मोहन सभागार में यूनिसेफ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वाधान में धर्म गुरूओं के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को दिशा देने का कार्य धर्म गुरू करते हैं वह आध्यात्म व संस्कार की शिक्षा देते हैं इसी लिए आप सबसे अपेक्षा है कि समाज को जागरूक करें और लोगों को प्रेरित करें कि गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच हो और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे ताकि वे स्वस्थ बच्चे को जन्म दें। श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में मातृ मृत्युदर को 159 से कम करते हुए 70 पर तथा शिशु मृत्युदर को 43 से कम करते हुए 20 पर लाये जाने का संकल्प सभी के सहयोग से पूर्ण होगा।
Maternal Infant Mortality : उन्होंने कहा कि किशोरी बालिकाओं का हीमोग्लोविन की जांच नियमित रूप से करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें और अभिभावकों के जागरूक भी करें। उन्होंने परिवारजनों से इस बात के लिए आगाह करने की बात कही कि इसमें किसी स्तर पर लापरवाही न हो। आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन कराते हुए महीने के नियत तिथि पर उनके स्वास्थ्य की जांच करें। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए महिलाओं व बालिकाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी रखें। श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में 14 से 15 वर्ष की 5 लाख बालिकाओं का टीकाकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। हम देश में टीकाकरण कार्य में प्रथम स्थान पर हैं। आगामी 2 माह में शेष बालिकाओं को टीका लगाकर शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर ली जायेगी। उन्होंने यूनिसेफ को धर्मगुरूओं के साथ आयोजित किये गये संवाद कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया तथा कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है। इससे शिशु मृत्युदर व मातृ मृत्युदर को कमी लाने के संकल्प को पूर्ण किया जा सकेगा।

Maternal Infant Mortality : संवाद कार्यक्रम में यूनिसेफ के प्रदेश प्रमुख विलियम हेमलॉन ने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपेक्षित बदलाव हो रहा है। शिशु मृत्युदर व मातृ मृत्युदर में कम करने में समुदाय की भागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीयन के उपरांत नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो तथा संस्थागत प्रसव भी हो। उन्होंने अपेक्षा की कि सभी मिलकर बदलाव कर सकते हैं और हर माँ व बच्चे की जान बचाई जा सकती है। यूनिसेफ के प्रदेश संचार प्रमुख अनिल गुलाटी ने कहा कि जनजन को जोड़ने के लिए धर्मगुरू शिशु व मातृ मृत्युदर में कमी लाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। शासकीय विभागों के साथ जुड़कर इस कार्य में सफलता मिल सकती है और प्रदेश एवं रीवा जिले में इसमें अपेक्षित कमी लाई जा सकती है। कार्यक्रम में यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि वर्ष 2030 तक शिशु व मातृ मृत्युदर में अपेक्षित कमी लाने के सभी प्रयास जारी हैं। उन्होंने देश के अन्य राज्यों व मध्यप्रदेश में शिशु व मातृ मृत्युदर का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि जिले में गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कर नियमित स्वास्थ्य की जांच करते हुए संस्थागत प्रसव के सतत प्रयास जारी हैं। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण का भी कार्य कार्ययोजना बनाकर किया जा रहा है।
Maternal Infant Mortality : संवाद कार्यक्रम में पूर्व सीएमएचओ डॉ. बीएल मिश्रा ने किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने सहित शिशु मृत्युदर मातृ मृत्युदर में कमी लाये जाने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिये। इस अवसर पर ब्राम्हकुमारी संस्थान, गायत्री परिवार, हिन्दू धर्मगुरू, मुस्लिम धर्मगुरू, सिख धर्मगुरू, क्रिश्चियन धर्मगुरू सहित अन्य समाजसेवियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शुद्ध विचार व आसपास के अच्छे परिवेश का मॉ पर प्रभाव पड़ता है। अशिक्षा व अंधविश्वास को दूर करते हुए निश्चित उम्र में ही शादी होने तथा गर्भवती महिला के अच्छे पोषण से शिशु व मातृ मृत्युदर में कमी लाई जा सकती है। सभी ने गर्भवती महिलाओं एवं विद्यालयों में पढ़ने वाली किशोरी बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच किये जाने के सुझाव दिये। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार सिन्हा, अनिल शर्मा एवं शहर के धर्मगुरू सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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