BY
Yoganand Shrivastava
Kolkata पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच देश के विभिन्न हिस्सों से प्रवासियों का अपने पैतृक जिलों में लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। खासकर मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस पलायन जैसी स्थिति के पीछे “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” को लेकर फैला पैनिक और अफवाहें बताई जा रही हैं।

Kolkata अफवाहों का असर: “वोट नहीं तो सरकारी दस्तावेजों पर संकट”
मुंबई और दिल्ली के स्टेशनों पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि उन्हें गांव से फोन कर बुलाया जा रहा है। लोगों में यह डर फैलाया गया है कि यदि उन्होंने इस बार मतदान नहीं किया, तो उनका नाम वोटर लिस्ट से स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा।

- दस्तावेजों का डर: यात्रियों के मन में यह आशंका बैठ गई है कि नाम कटने पर उनके राशन कार्ड, बैंक अकाउंट और अन्य जरूरी सरकारी पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) पर संकट आ सकता है।
- व्हाट्सएप और इंटरनेट: सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट खबरों ने इस डर को और बढ़ाने का काम किया है।
Kolkata सूरत: भगदड़ जैसे हालात के बीच पुलिस का लाठीचार्ज
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हजारों की संख्या में यात्री बैरिकेड्स फांदकर ट्रेनों में सवार होने की कोशिश करने लगे। भगदड़ की स्थिति को रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
- रेलवे की सफाई: पश्चिमी रेलवे ने स्पष्ट किया कि भीड़ को नियंत्रित करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए बल प्रयोग जरूरी था। करीब 21,000 यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
Kolkata NRIs भी पहुंचे बंगाल: विकास और परिवर्तन का मुद्दा
सिर्फ घरेलू प्रवासी ही नहीं, बल्कि बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका (सिलिकॉन वैली) जैसे देशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीय (NRI) भी मतदान के लिए सिलीगुड़ी और अन्य शहरों में पहुंच रहे हैं। उनका मानना है कि बंगाल के विकास के लिए इस बार मतदान करना अनिवार्य है।

Kolkata राजनीतिक ध्रुवीकरण और वोटिंग का उत्साह
स्टेशनों पर यात्रियों के बीच स्पष्ट राजनीतिक विभाजन भी देखने को मिल रहा है। जहां एक पक्ष अपने अस्तित्व और दस्तावेजों की सुरक्षा के डर से घर लौट रहा है, वहीं दूसरा पक्ष (विशेषकर हिंदू समुदाय के कुछ यात्री) सरकार बदलने और विकास के नाम पर वोट देने की बात कह रहा है।
प्रमुख जानकारी
- मुख्य प्रभावित जिले: मालदा, मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी।
- लौटने वाले यात्री: दिल्ली, मुंबई, सूरत, केरल और चेन्नई से।
- रेलवे के इंतजाम: नियमित ट्रेनों के अलावा ‘हॉलिडे स्पेशल’ और चुनाव विशेष ट्रेनों का संचालन।
- प्रशासन की अपील: किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
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