by: vijay nandan
Murshidabad News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में शनिवार को निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने विवादित बाबरी ढांचे की तर्ज पर बनाई जाने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी। मंच पर मौलवियों के साथ फीता काटकर उन्होंने इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की, जिसके दौरान “नारा-ए-तकबीर” और “अल्लाहु अकबर” के नारे गूंजते रहे।
दो लाख से ज्यादा लोग पहुंचे, सिर पर ईंट लेकर जताई समर्थन की भावना
कार्यक्रम में बंगाल के कई जिलों से दो लाख से अधिक लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में लोग अपने साथ ईंट लेकर आए—किसी ने कंधे पर रखकर, तो किसी ने ट्रैक्टर-ट्रॉली, रिक्शा और वैन से। मस्जिद निर्माण स्थल तक निर्माण सामग्री से भरे 100 से अधिक ट्रैक्टर भी पहुंचे।
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: Suspended TMC MLA Humayun Kabir lays the foundation stone of Babri Masjid. pic.twitter.com/rvCnocvTbK
— ANI (@ANI) December 6, 2025
सुबह से ही बेलडांगा और आसपास का इलाका सुरक्षा के घेरे में रहा। केंद्र और राज्य के 3,000 से ज्यादा जवान, जिनमें सेंट्रल आर्म्ड फोर्स, RAF, BSF और स्थानीय पुलिस शामिल थे, पूरे इलाके में तैनात किए गए।
TMC ने किया था निलंबित, हाईकोर्ट ने रोक से किया था इनकार
हुमायूं कबीर ने 25 नवंबर को घोषणा की थी कि 6 दिसंबर—बाबरी ढांचे के गिराए जाने की वर्षगांठ—पर मस्जिद का शिलान्यास करेंगे। इस बयान के बाद TMC ने 4 दिसंबर को उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।
शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मस्जिद निर्माण पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि कार्यक्रम की शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी। इसके बाद ही शनिवार को कबीर ने नींव रखी।
सऊदी से पहुंचे धार्मिक नेता, विशाल मंच और बड़े पैमाने पर इंतजाम
कार्यक्रम के लिए 25 बीघा जमीन तैयार की गई थी। सऊदी अरब से धार्मिक नेता भी शामिल हुए। आयोजकों ने 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा मंच बनाया, जिसमें 400 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था थी।
भीड़ के लिए 60,000 से ज्यादा बिरयानी पैकेट बांटे गए और करीब 2,000 वॉलंटियर तैनात रहे।
कबीर बोले—साजिशों के बावजूद रखा नींव का पत्थर
कार्यक्रम से पहले हुमायूं कबीर ने दावा किया कि मस्जिद निर्माण रोकने और हिंसा फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी ताकत से हम डरने वाले नहीं हैं। कोर्ट ने जिस तरह आदेश दिया है, हम उसी का पालन करेंगे। मस्जिद की नींव जरूर रखी जाएगी।”





