Mohit Jain

चक्रवाती तूफान ‘Ditwah’ तेजी से तमिलनाडु के समुद्री तट की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते 29 और 30 नवंबर को राज्य के दक्षिणी जिलों व कावेरी डेल्टा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। पुडुचेरी और तटीय आंध्र प्रदेश-रायलसीमा के इलाकों में भी 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। श्रीलंका के तट के पास बने इस चक्रवात के धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है।
दिल्ली में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहां पिछले दो महीनों से हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर है और शनिवार सुबह शहर का ओवरऑल AQI 361 दर्ज किया गया। स्मॉग की मोटी परत के कारण इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन जैसे प्रमुख स्थल धुंधले दिखाई दे रहे हैं, जबकि विजिबिलिटी 300 मीटर से भी कम हो गई है।

तापमान में बदलाव की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं होगी, लेकिन उसके बाद इसमें 2-4 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। मध्य भारत में भी इसी अवधि तक तापमान स्थिर रहने के बाद 2-3 डिग्री की बढ़त संभव है। पूर्वी भारत में चार दिनों तक मौसम में खास बदलाव नहीं होगा, हालांकि इसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री बढ़ने का अनुमान है, जबकि गुजरात में 48 घंटे तक तापमान स्थिर रहने और उसके बाद 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी की संभावना है।
मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है और प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।





