Reporter: Dinesh Gupta, Edit By: Mohit Jain

छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले पर्यटन स्थल मैनपाट में प्रस्तावित बॉक्साइट प्लांट को लेकर स्थानीय ग्रामीण असंतोष में हैं। ग्राम कंडराजा के लोग कहते हैं कि उनका जीवन कृषि पर निर्भर है और प्लांट से भूजल स्तर गिरने, पर्यटन प्रभावित होने और खेती योग्य जमीन समाप्त होने का खतरा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्लांट शुरू होते ही उनकी खेती-किसानी प्रभावित होगी और वे आजीविका से वंचित हो जाएंगे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की प्रतिक्रिया
मामले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि किसी भी निजी जमीन पर प्लांट लगाने के लिए कम से कम 80% ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य है। वहीं, सरकारी जमीन पर लगने वाले प्लांट के लिए 70% सहमति ज़रूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा में सुनवाई और मंजूरी मिलने के बाद ही किसी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सकता है।
पर्यावरण और जलस्तर पर संभावित असर
विशेषज्ञों के अनुसार, बॉक्साइट प्लांट से न केवल भूजल स्तर प्रभावित हो सकता है बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण और पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीण और प्रशासन दोनों ही सतर्क हैं, और मामले में आगामी निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





