By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Swadesh NewsSwadesh NewsSwadesh News
  • Home
  • देश- विदेश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • स्वदेश स्पेशल
  • वीडियो
  • खेल
  • व्यापार – रोज़गार
Search News
Web Stories
हास्य- हथौड़ा
मौसम
सेहत
ट्रेंडिंग
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Swadesh NewsSwadesh News
Search News
  • Home
  • देश- विदेश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • स्वदेश स्पेशल
  • वीडियो
  • खेल
  • व्यापार – रोज़गार
Follow US
Swadesh News > राज्य > मध्य प्रदेश > Sadanira Samagam : सदानीरा समागम में जल संरक्षण का संदेश, देशभर के 100 से अधिक कलाकारों ने कला के माध्यम से दिखाई प्रकृति की झलक
मध्य प्रदेश

Sadanira Samagam : सदानीरा समागम में जल संरक्षण का संदेश, देशभर के 100 से अधिक कलाकारों ने कला के माध्यम से दिखाई प्रकृति की झलक

Abhishek Singh
Last updated: May 30, 2026 7:08 pm
By Abhishek Singh
Share
6 Min Read
SHARE

Abhishek Singh

Sadanira Samagam : भोपाल में आयोजित हुई विशेष चित्रांकन कार्यशाला

Sadanira Samagam : भोपाल में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित सदानीरा समागम के तहत एक विशेष चित्रांकन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देशभर से आए 100 से अधिक लोक, पारंपरिक और जनजातीय कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित किया।

Contents
Sadanira Samagam : भोपाल में आयोजित हुई विशेष चित्रांकन कार्यशालाSadanira Samagam : विभिन्न कला शैलियों के कलाकारों ने लिया हिस्साSadanira Samagam : जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति आस्था को किया प्रदर्शितSadanira Samagam : मंजूषा कला से दिया ‘जल है तो कल है’ का संदेशSadanira Samagam : टिकुली कला की ऐतिहासिक विरासत को किया साझाSadanira Samagam : जनजातीय कलाकारों ने उकेरी ग्रामीण जीवन की सच्चाईSadanira Samagam : वारली कला में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलकSadanira Samagam : पहाड़ी चित्रकला ने जीवंत की भारतीय लघु कला परंपराSadanira Samagam : भील पिथोरा कला में दिखी वर्षा और प्रकृति की आस्थाSadanira Samagam : कला के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रयासSadanira Samagam : संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम
Sadanira Samagam

Sadanira Samagam : विभिन्न कला शैलियों के कलाकारों ने लिया हिस्सा

कार्यशाला में पटुआ, कलमकारी, जोगी कलम, मंजूषा, मिथिला (मधुबनी), टिकुली, वारली, पिथोरा और पहाड़ी चित्रकला जैसी कई प्रसिद्ध भारतीय लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हुए। कलाकारों ने कैनवास, मटकों और छातों पर अपनी कलाकृतियों के जरिए जल और जीवन के गहरे संबंध को अभिव्यक्त किया।

Sadanira Samagam : जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति आस्था को किया प्रदर्शित

कलाकारों द्वारा तैयार की जा रही चित्रकृतियों में नदियों की अविरलता, जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पर्यावरण संतुलन और प्रकृति के प्रति भारतीय समाज की आस्था को प्रमुखता से दर्शाया गया। इन कलाकृतियों के माध्यम से लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

Sadanira Samagam : मंजूषा कला से दिया ‘जल है तो कल है’ का संदेश

बिहार के भागलपुर से आए मंजूषा कला के कलाकार पवन कुमार सागर ने अपनी कला के माध्यम से वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बढ़ते शहरीकरण के कारण वर्षा का पानी जमीन में नहीं पहुंच पाता, जिससे भूजल स्तर लगातार कम हो रहा है। उनकी कलाकृति का मुख्य संदेश था कि जल संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है और “जल है तो कल है”।

Sadanira Samagam : टिकुली कला की ऐतिहासिक विरासत को किया साझा

पटना से आईं कलाकार अरुंधति महतो ने टिकुली कला की ऐतिहासिक यात्रा और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कला मौर्यकालीन परंपरा से जुड़ी हुई है। समय के साथ यह कला विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन प्रसिद्ध कलाकार उपेंद्र महारथी के प्रयासों से इसे नया जीवन मिला। आज हजारों कलाकार इस कला से जुड़े हुए हैं और इसे जीआई टैग दिलाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

Sadanira Samagam : जनजातीय कलाकारों ने उकेरी ग्रामीण जीवन की सच्चाई

आंध्र प्रदेश के अराकू क्षेत्र से आईं युवा जनजातीय कलाकार तुलसीवेणी ने अपनी चित्रकृतियों में ग्रामीण जीवन और जल संकट की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत की। उनकी पेंटिंग्स में गांवों की महिलाएं दूर-दूर से पानी लाते हुए दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके समाज और परिवेश का वास्तविक चित्रण है, जिसे वह अपनी कला के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं।

Sadanira Samagam : वारली कला में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक

महाराष्ट्र के पालघर जिले से आईं मीनाक्षी वायडा ने वारली कला के माध्यम से आदिवासी जीवन और परंपराओं को चित्रित किया। उनकी कलाकृतियों में विवाह संस्कार, सामुदायिक जीवन, लोक परंपराएं और देवी-देवताओं की आराधना के दृश्य प्रमुख रूप से दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वारली कला आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान है।

Sadanira Samagam : पहाड़ी चित्रकला ने जीवंत की भारतीय लघु कला परंपरा

हिमाचल प्रदेश के चंबा से आईं ज्योति नाथ ने पहाड़ी चित्रकला, चंबा कलम और कांगड़ा कलम की परंपराओं को अपनी कला में जीवंत रूप दिया। उनकी पेंटिंग्स में राधा-कृष्ण, प्रकृति और ऋतुओं से जुड़े विषय प्रमुख रूप से दिखाई दिए, जो भारतीय लघु चित्रकला की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।

Sadanira Samagam : भील पिथोरा कला में दिखी वर्षा और प्रकृति की आस्था

मध्यप्रदेश के झाबुआ से आईं निर्मला भामोर ने भील पिथोरा कला के माध्यम से आदिवासी समाज की वर्षा और प्रकृति से जुड़ी मान्यताओं को प्रस्तुत किया। उनकी चित्रकला में ‘धाड़ माता’ की पूजा और अच्छी वर्षा की कामना से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं को दर्शाया गया।

Sadanira Samagam : कला के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रयास

सदानीरा समागम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज को जल संरक्षण और जल संवर्धन के प्रति जागरूक करना है। कलाकारों का मानना है कि भारतीय लोक और जनजातीय कलाएं सदियों से प्रकृति और मानव जीवन के सामंजस्य का संदेश देती रही हैं। ऐसे में जल जैसे महत्वपूर्ण विषय को कला के माध्यम से प्रस्तुत करना वर्तमान समय की आवश्यकता है।

Sadanira Samagam : संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम

सदानीरा समागम केवल एक कला कार्यशाला नहीं बल्कि संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का ऐसा मंच बनकर उभरा है, जहां देशभर की विविध कला परंपराएं एक साथ आकर जल संरक्षण और प्रकृति संरक्षण का संदेश दे रही हैं। यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

READ MORE : TET Exam Mandatory : ‘सुप्रीम’ आदेश बरकरार, TET पास करना अनिवार्य ,कोर्ट ने TET की डेडलाइन 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई

TAGGED:Art WorkshopBhopal EventBhopal NewsCultural HeritageCulture DepartmentEnvironment ConservationEnvironmental AwarenessFolk ArtHindi NewsIndian CultureIndian Folk TraditionsKalamkari ArtMadhubani ArtMadhya Pradesh CultureManjusha ArtMPMP NewsnewsPithora ArtSadanira SamagamSave WaterSustainable DevelopmentTikuli ArtTODAY NEWSTraditional ArtTribal ArtTribal Artistsveer bharat nyasWarli ArtWater Conservationकलमकारी कलाकला कार्यशालाजनजातीय कलाजल संरक्षणजल है तो कल हैटिकुली कलापर्यावरण संरक्षणपिथोरा कलाभारतीय संस्कृतिभोपाल समाचारमंजूषा कलामधुबनी कलालोक कलावारली कलावीर भारत न्याससदानीरा समागमसंस्कृति विभाग
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Your opinion
Love0
Sad0
Happy0
Shy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
By Abhishek Singh
Follow:
नमस्ते, मैं अभिषेक सिंह । मैंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय,भोपाल से डिजिटल जर्नलिज्म में परास्नातक (एमए) कर रहा हूँ।मेरे लिए पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ मैं स्वदेश न्यूज़ में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ, जहाँ मैं खबरों की गहराई को समझने, प्रभावशाली हेडलाइन्स तैयार करने और डिजिटल कंटेंट को सटीक व आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने पर काम करता हूँ।
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

https://swadeshlive.com/mbbs-ayush-counselling-career-options/
मध्य प्रदेश

MBBS की बढ़ती कटऑफ से घबराएं नहीं, आयुष में भी करियर के बेहतरीन अवसर : डॉ. ए.के. द्विवेदी

By Priyanshi Soni
https://swadeshlive.com/mp-ucc-bill-passed/
मध्य प्रदेश

MP UCC Bill: यूसीसी विधेयक पारित होना समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम : गोविंद सिंह राजपूत

By प्रमोद श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता
https://swadeshlive.com/commonwealth-games-2026-india-schedule/
खेल

Commonwealth Games 2026 आज से शुरू, जानें भारत का पूरा शेड्यूल, लाइव प्रसारण और किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें

By Priyanshi Soni
https://swadeshlive.com/ohh-my-dog-trailer-pankaj-tripathi/
मनोरंजन

‘Ohh My Dog’ का ट्रेलर रिलीज, पंकज त्रिपाठी की नई थ्रिलर में दिखेगी इंसान और कुत्ते के रिश्ते की भावुक कहानी

By Priyanshi Soni

स्वदेश न्यूज़ भारत का एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाला सैटेलाइट हिंदी न्यूज़ चैनल है, जिसका स्वमितत्व भुवनेश्वरी मल्टिमीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है।

स्वदेश न्यूज़, अभिव्यक्ति और पत्रकारिता की स्वतंत्रता (freedom of speech) (freedom of the press) पर भरोसा रखता है, जो लोगों की आवाज बनकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

  • About Us
  • Contact US
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
Menu
  • About Us
  • Contact US
  • Privacy Policy
  • Disclaimer

Quick Link

  • खेल
  • स्वदेश स्पेशल
  • राज्य
  • देश- विदेश
  • बिहार चुनाव 2025
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • व्यापार – रोज़गार

Swadesh News. 59, Link Road No. 3, Panchsheel Nagar, Bhopal, Madhya Pradesh- 462016 Hours: Open 24 hours Phone: +91 0755- 2929533

© Copyright by SWADESH NEWS 2026

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?