Report: Devendra Jaiswal
इंदौर: राशन चावल की कालाबाजारी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने इंदौर के एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल और चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को 25 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
मामले का विवरण
यह मामला एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज करने के दौरान पुलिस द्वारा अदालत में फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत करने से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आठ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का दावा किया था, लेकिन जांच में पाया गया कि केवल चार प्रकरण ही सही थे। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और गलत सूचना देने की श्रेणी में रखा।
सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी
अदालत ने कहा कि न्यायालय के सामने गलत जानकारी प्रस्तुत करना गंभीर अपराध है और इससे न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से पूछा कि उन्होंने यह जानकारी क्यों दी और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
आगे की कार्यवाही
दोनों अधिकारियों को 25 नवंबर को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश प्रदेश पुलिस के लिए गंभीर संदेश है और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। वरिष्ठ अधिकारी अब पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच कराने की तैयारी कर रहे हैं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर प्रभाव
इंदौर में पिछले कुछ महीनों से PDS के चावल की कालाबाजारी को लेकर शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह सख्त रुख प्रशासन के लिए जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





