क्या है 10 हाथियों की मौत की असल सच्चाई? स्वदेश न्यूज की स्पेशल रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, Video

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कोदू एक फसल है जो चावल की तरह होती है और जो बार-बार बात हो रही है क्या कोदू पेट में फूल सकता है नुकसान कर सकता है नहीं हाथी जो पेड़ के तने खा जाता है उसको व छोटे से चावल की फसल से नुकसान हो जाएगा वही तो हमारे समझ में नहीं आ रहा। यहीं के एक ग्रामीण मनोज का ये कहना है दूसरे गांव से हाथियों को यहां पर खदेड़ा गया। हाथी निकल कर आए तो इन लोगों ने सोचा कि अपनी फसल को बचाएं जब यह वहां पर पहुंचे तो ये बताते हैं कि हाथियों की संख्या 10 नहीं थी बल्कि इन इन्होंने अपनी आंखों से जो टॉर्च से खेत में देखे वो हाथी तीन थे। मनोज का यह कहना है कि जो हाथी जहर का शिकार हुए व हाथी तो गांव से आधा किलोमीटर दूर करा रहे थे, पड़े हुए थे, चीख रहे थे। और जो स्वस्थ हाथी थे वही यहां गांव तक आ पाए है।

सबसे ऑर्गेनिक अनाज होता है कोद और कुटकी
कोदो में कभी कोई रासायनिक पदार्थ का किसी उर्वरक का किसी फर्टिलाइजर का उपयोग नहीं किया जाता। कुछ भी नहीं किया जाता, कभी भी नहीं किया गया। उस कोद के खेती में बस जोताई कीजिए और बो दीजिए फिर जब पक जाए तो काट के ले। इसमें कुछ भी नहीं डाला जाता यानी अगर देखा जाए तो सबसे ऑर्गेनिक अगर कोई अनाज है वह कोद और कुटकी उसके सिवा और कोई दूसरा है ही नहीं।

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