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जमीयत उलेमा हिन्द का यू-टर्न: अब वक्फ बिल के समर्थन में उतरा !

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U-turn of Jamiat Ulema Hind

रिपोर्ट- अनुज सैनी, मुजफ्फरनगर, By: Vijay Nandan

मुजफ्फरनगर: वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहे विवादों के बीच जमीयत उलेमा हिन्द के जिला सचिव कारी खालिद ने सरकार के वक्फ बिल पर अपना समर्थन जताया है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को एक आयोग का गठन करना चाहिए, जो यह जांच करे कि बीते 75 वर्षों से वक्फ संपत्तियों और पैसों का दुरुपयोग कौन कर रहा है।

वक्फ संपत्तियों की लूट पर उठाए सवाल

कारी खालिद ने प्रेस वार्ता में कहा कि वर्षों से वक्फ की संपत्तियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। जो लोग वक्फ की धनराशि का गबन कर रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार पारदर्शिता के साथ जांच करवाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस-किस ने वक्फ की संपत्तियों से अनुचित लाभ उठाया है।

वार्ता के दरवाजे बंद न करे सरकार

कारी खालिद ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस बिल पर सभी पक्षों को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुझावों पर टेबल पर वार्ता होनी चाहिए और सरकार को बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। इससे समाज के हर वर्ग की राय को सुना जा सकेगा और एक संतुलित व पारदर्शी कानून बनाया जा सकेगा।

क्या है वक्फ बिल?

वक्फ बिल को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। सरकार का दावा है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी संचालन और संरक्षण के लिए लाया गया है, जबकि कुछ संगठनों का कहना है कि इसमें कई विवादित प्रावधान हैं। लेकिन कारी खालिद ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, उन्हें वार्ता के लिए आगे आना चाहिए, ना कि बिना सोचे-समझे इसका विरोध करना चाहिए।

कारी खालिद (जिला सचिव, जमीयत उलेमा हिन्द)
“हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को एक आयोग बनाकर यह जांच करनी चाहिए कि बीते 75 वर्षों में वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कैसे और किसने किया। सरकार वार्ता के दरवाजे बंद न करे और सभी पक्षों से बातचीत करे।”

वक्फ बिल पर चल रही बहस के बीच कारी खालिद का यह बयान अहम है। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए यह भी कहा कि सरकार को सभी पक्षों से संवाद करना चाहिए ताकि एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समाधान निकाला जा सके। अब देखना होगा कि सरकार और अन्य पक्ष इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उठा रखा है विरोध का झंडा

वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अधिकारियों ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार का यह कदम मुस्लिम संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास है। इसके अतिरिक्त, अन्य मुस्लिम संगठन और विपक्षी पार्टियां भी इस विधेयक का विरोध कर रही हैं। वे इसे मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करने और उनकी संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास मानते हैं।

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