Aaj Ka Panchang: 24 अगस्त 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। सावन मास के अंतिम सोमवार के चलते भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल सकती है। दिन की शुरुआत तिथि, नक्षत्र, योग और करण जैसे पंचांग के प्रमुख अंगों के साथ होगी। ऐसे में अगर आप कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो उससे पहले आज का पंचांग और शुभ-अशुभ समय जानना उपयोगी रहेगा।
Aaj Ka Panchang: 24 अगस्त 2026 का पंचांग
सोमवार को शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना के लिए भी इस दिन को विशेष महत्व दिया जा रहा है।दिनभर तिथि और नक्षत्र की स्थिति के अनुसार अलग-अलग समय में बदलाव होते रहेंगे। धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और अन्य शुभ गतिविधियों के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर माना जाता है।
Aaj Ka Panchang: तिथि और नक्षत्र का महत्व
24 अगस्त को शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। हिंदू पंचांग में द्वादशी तिथि का धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा है।वहीं, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र को पंचांग में महत्वपूर्ण नक्षत्रों में शामिल किया जाता है। इस नक्षत्र के दौरान किए जाने वाले कार्यों के लिए शुभ समय का निर्धारण स्थानीय पंचांग की गणना के आधार पर किया जाता है।
Aaj Ka Panchang: अभिजीत मुहूर्त में कर सकते हैं शुभ कार्य
पंचांग में अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समय में माना जाता है। 24 अगस्त को भी अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत करने की धार्मिक मान्यता है।हालांकि अभिजीत मुहूर्त का सटीक समय अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के अंतर के कारण कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए महत्वपूर्ण कार्य के लिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
Aaj Ka Panchang: सोमवार को राहुकाल का समय
पंचांग में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है, जिसमें नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। 24 अगस्त को सोमवार होने के कारण राहुकाल सुबह के समय रहेगा।दिल्ली के अनुसार 24 अगस्त को राहुकाल लगभग सुबह 7:32 बजे से 9:09 बजे तक माना जा रहा है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के समय में अंतर होने के कारण राहुकाल का समय भी अलग हो सकता है।
Aaj Ka Panchang: सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव की पूजा
24 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और अपनी परंपरा के अनुसार अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सकते हैं।मान्यता के अनुसार सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाओं की पूर्ति और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। भक्त इस दिन महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के अन्य मंत्रों का जाप भी करते हैं।
Aaj Ka Panchang: आज क्या करना शुभ माना जाता है
सोमवार और सावन के अंतिम सोमवार के संयोग को देखते हुए शिव पूजा, जलाभिषेक, मंत्र जाप और धार्मिक गतिविधियां की जा सकती हैं। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना और सामर्थ्य के अनुसार दान करना भी धार्मिक परंपराओं में शुभ माना गया है।यदि घर में पूजा का आयोजन किया जा रहा है तो शांत वातावरण में भगवान शिव की आराधना और परिवार के साथ धार्मिक अनुष्ठान किया जा सकता है।
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Aaj Ka Panchang: आज किन कामों से बचना चाहिए
राहुकाल के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। इसके अलावा पूजा-पाठ के दौरान क्रोध, विवाद और नकारात्मक व्यवहार से दूर रहने की सलाह दी जाती है।किसी बड़े धार्मिक या मांगलिक कार्य के लिए केवल सामान्य पंचांग समय पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुभ मुहूर्त देखना बेहतर होता है।
Aaj Ka Panchang: देश के अलग-अलग शहरों में समय क्यों बदलता है
पंचांग के कई समय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होते हैं। भारत के अलग-अलग हिस्सों में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय एक जैसा नहीं होता। इसी वजह से राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और अन्य समय में शहर के अनुसार अंतर देखने को मिलता है।भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, पटना, रांची, कोलकाता, चंडीगढ़, देहरादून, हरिद्वार, अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, पुणे, नागपुर, नासिक, रायपुर, बिलासपुर, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, मैसूर, विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, मदुरै, कोयंबटूर, वडोदरा सहित अन्य शहरों में पंचांग के समय में कुछ अंतर हो सकता है।
Aaj Ka Panchang: 24 अगस्त को इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप 24 अगस्त को कोई महत्वपूर्ण काम करने जा रहे हैं तो स्थानीय पंचांग से शुभ समय जरूर देख लें। पूजा-पाठ के लिए भी अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार समय निर्धारित करना अधिक उचित रहेगा।सावन के अंतिम सोमवार के कारण धार्मिक दृष्टि से दिन का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। पंचांग धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होता है, इसलिए किसी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए व्यक्तिगत परिस्थितियों और विशेषज्ञ सलाह को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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