Manusmriti Controversy : Gen Z के सवाल, मनुस्मृति पर क्यों बवाल ? एक श्लोक, दो दावे, मनुस्मृति पर कांग्रेस-BJP भिड़े
Manusmriti Controversy : मनुस्मृति पर राहुल गांधी का बयान फिर सियासी संग्राम की वजह बन गया है। पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और अधिकारों पर राहुल गांधी ने अपने विचार रखे। लेकिन मनुस्मृति की व्याख्या को लेकर बीजेपी ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। दरअसल राहुल गांधी ने पुणे में छात्रों के बीच मनुस्मृति का संदर्भ देकर भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाया, जिसे बीजेपी ने धार्मिक भावनाओं से जोड़कर पलटवार शुरू कर दिया। अब Gen Z के बीच मनुस्मृति पर राहुल के महाज्ञान पर सियासत गरम है। महिला स्वतंत्रता, धर्मग्रंथ की व्याख्या और राजनीतिक नैरेटिव, तीनों को लेकर बहस तेज हुई है।ये बहस सिर्फ राहुल के बयान तक सीमित नहीं है, सवाल उठ रहा है कि मनुस्मृति को लेकर इतिहास, श्लोक और उनकी व्याख्या के बीच सच क्या है ? इसी के साथ एक बार फिर मनुस्मृति बनाम संविधान और महिला अधिकारों पर सियासी संग्राम तेज हो गया है।।। इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले देखिए ये रिपोर्ट।।।।
Manusmriti Controversy : मनुस्मृति के एक श्लोक को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों की बात करते हुए मनुस्मृति का संदर्भ दिया और कहा कि महिलाओं को पिता, पति और पुत्र के अधीन रखने वाली सोच शर्मनाक है। राहुल ने छात्राओं से महिलाओं के अधिकार, पितृसत्ता और समाज में महिलाओं की स्थिति जैसे मुद्दों पर बात की। राहुल गांधी ने ‘मनुस्मृति मानसिकता’ पर निशाना साधा और महिलाओं से पितृसत्ता खत्म करने के लिए मजबूती से आगे आने की अपील की। उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी पर भी सवाल उठाया, जिसमें मोदी ने हाल में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ लड़कियों के कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर हैरानी जताई थी। राहुल गांधी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की राह में ‘मनुस्मृति की मानसिकता’ सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं।
Manusmriti Controversy : उधर मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद सियासी संग्राम तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी व कुछ संगठनों ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें अंग्रेजी का ज्ञान तो है, लेकिन वे वेदों, पुराणों और प्राचीन भारतीय ग्रंथों के वास्तविक ज्ञान से कोसों दूर हैं। भाजपा ने मनुस्मृति के उन श्लोकों का हवाला दिया, जिनमें महिलाओं के सम्मान की बात कही गई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मनुस्मृति के दूसरे श्लोकों का हवाला देते हुए राहुल को ग्रंथ पढ़ने और समझने की सलाह दी। तो वहीं अन्य नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को ‘पाखंडी रवैया’ बताया। साथ ही कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी नैरेटिव बनाने और धर्मग्रंथों को चुनिंदा तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।
Manusmriti Controversy : उधर बीजेपी नेताओं द्वारा राहुल गांधी पर निशाना साधने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया। कहा कि जो बातें आज प्रासांगिक नहीं है, जिन बीतों में महिलाओं का अपमान होता है, उनका विरोध तो किया ही जाना चाहिए। बहरहाल अब सवाल सिर्फ एक श्लोक या एक बयान का नहीं, बल्कि मनुस्मृति, महिला अधिकार और राजनीतिक विमर्श का बन गया है। कांग्रेस जहां इसे महिला स्वतंत्रता और समानता का मुद्दा बता रही है, वहीं बीजेपी इसे हिंदू धर्मग्रंथों की गलत व्याख्या और राजनीतिक एजेंडे से जोड़ रही है। जाहिर है मनुस्मृति के एक श्लोक पर छिड़ी सियासी बहस आने वाले दिनों में और गरमाने के आसार हैं।
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