छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन रहा हंगामेदार

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The first day of the monsoon session of Chhattisgarh Assembly was tumultuous

रिपोर्ट: प्रविंस मनहर


छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र 2025 का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार को किसान से जुड़े मुद्दों और भर्ती प्रक्रियाओं पर घेरने की कोशिश की। विशेष रूप से खाद-बीज की कमी और राजस्व निरीक्षक भर्ती में अनियमितता को लेकर कांग्रेस ने सदन में आवाज बुलंद की।

विपक्ष के निशाने पर रही सरकार

सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस ने किसानों को खाद और बीज नहीं मिलने की समस्या को सदन में जोर-शोर से उठाया। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को सिर्फ वादे कर रही है, जबकि मौजूदा हालात में किसान परेशान हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने राजस्व निरीक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार को लिया आड़े हाथ

स्वदेश न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा—

“राज्य की भाजपा सरकार पूरी तरह किसान विरोधी है। मानसून शुरू हो चुका है लेकिन आज भी किसान खाद-बीज के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। सरकार सिर्फ आंकड़ों में काम कर रही है, जमीनी सच्चाई कुछ और है।”

देवेंद्र यादव ने आगे कहा कि राजस्व निरीक्षक की भर्ती प्रक्रिया में भर्ती बोर्ड की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को इस पूरे मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए।

सदन में विपक्ष का तेवर सख्त

पहले दिन की कार्यवाही में यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस मानसून सत्र में तेवर में है और सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी में है। खाद-बीज, बिजली, पानी, रोजगार और भर्ती जैसे मुद्दे इस सत्र में हावी रह सकते हैं।