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Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya: श्रद्धा और आस्था का महासंगम: अयोध्या में भव्य रूप से मनाया गया मां सरयू जन्मोत्सव; 11 हजार बत्तियों से हुई महाआरती

Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya

Report: Ankur panday

Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya रामनगरी अयोध्या में सोमवार को मां श्री सरयू जन्मोत्सव का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। ‘श्री अवध सरयू नित्य आरती सेवा समिति’ के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य जन्मोत्सव महोत्सव में देश-दुनिया से आए हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। श्री अयोध्याधाम के प्रसिद्ध संत श्री तुलसीदास घाट (कच्चा घाट) पर आयोजित इस महापर्व के दौरान पूरा तट वैदिक मंत्रोच्चार और ‘मां सरयू के जयकारों’ से गुंजायमान रहा।

Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya 108 कमलों से पूजन और वैदिक रुद्राभिषेक

Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत घाट पर विद्वान आचार्यों द्वारा कराए गए वैदिक रुद्राभिषेक के साथ हुई। इस विशेष अवसर पर मां सरयू की महिमा का गान करते हुए उन्हें 108 दिव्य कमल पुष्प अर्पित किए गए। दुग्धाभिषेक और विशेष पूजन के बाद जन-कल्याण की कामना के साथ वैदिक मंत्र पढ़े गए। कार्यक्रम के अंत में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।

Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya 11 हजार बत्तियों की महाआरती बनी मुख्य आकर्षण

इस पूरे जन्मोत्सव कार्यक्रम का सबसे अलौकिक और विहंगम दृश्य शाम को देखने को मिला। समिति की ओर से 11 हजार बत्तियों से मां सरयू की भव्य महाआरती उतारी गई। दीपों की रोशनी से जगमगाता तुलसीदास घाट और सरयू की लहरों पर तैरता उनका प्रतिबिंब श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा था। आरती व्यवस्था का संपूर्ण दायित्व मुकेश शास्त्री ने पूरी निष्ठा के साथ संभाला। गौरतलब है कि अवध नित्य आरती सेवा समिति द्वारा इस घाट पर प्रतिदिन मां सरयू की भव्य नित्य आरती का आयोजन भी किया जाता है।

Ma Sarayu Janmotsav Ayodhya संत और गणमान्य अतिथियों ने दी शुभकामनाएं

समारोह की अध्यक्षता पूज्य संत श्री सीताराम उर्फ बबलू महाराज ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “मां सरयू का जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और जन-जन में अध्यात्म की अलख जगाने का महापर्व है।”

  • संस्कृति को सहेजने का माध्यम: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए प्रमुख समाजसेवी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि मां सरयू समूचे सनातन धर्म की आस्था का प्राण हैं। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
  • समाज को एकता से जोड़ते हैं आयोजन: सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि संघ हमेशा से धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरयू जन्मोत्सव जैसे महापर्व समाज को आपसी एकता, सेवा और सनातन संस्कारों के सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।

इस अवसर पर अयोध्या के कई प्रतिष्ठित संत, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिकों ने महाआरती में सम्मिलित होकर देश की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी आगंतुक अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

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