BY
Yoganand Shrivastava
Amarnath Yatra Offline Registration बाबा बर्फानी के दर्शन की आस में देश-दुनिया से आने वाले शिव भक्तों के लिए पवित्र अमरनाथ यात्रा का काउंटडाउन शुरू हो गया है। बुधवार से जम्मू में श्रद्धालुओं के लिए ऑन-द-स्पॉट यानी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इसे लेकर शिव भक्तों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। ऑफलाइन काउंटर खुलने के एक दिन पहले से ही सैकड़ों श्रद्धालु कतारों में लग गए थे। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) मनोज सिन्हा आगामी 3 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर ‘यात्री निवास’ आधार शिविर (Base Camp) से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
Amarnath Yatra Offline Registration 57 दिनों का महासमारोह: दो पारंपरिक मार्गों से होगी यात्रा
Amarnath Yatra Offline Registration समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यह वार्षिक यात्रा इस वर्ष कुल 57 दिनों तक चलेगी। प्रशासन के मुताबिक, श्रद्धालु दो अलग-अलग रास्तों से बाबा के दरबार तक पहुंचेंगे:

- पहलगाम मार्ग: अनंतनाग जिले का यह पारंपरिक रास्ता लगभग 48 किलोमीटर लंबा है, जहां से चढ़ाई अपेक्षाकृत सुगम होती है।
- बालटाल मार्ग: गांदरबल जिले में पड़ने वाला यह मार्ग महज 14 किलोमीटर का है, लेकिन यह बेहद खड़ी और कठिन चढ़ाई वाला है।
अधिकारियों ने बताया कि इस पावन यात्रा के लिए अब तक रिकॉर्ड 4 लाख श्रद्धालु पहले ही ऑनलाइन माध्यम से अपना एडवांस रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
Amarnath Yatra Offline Registration मौसम हुआ सुहावना, इन केंद्रों पर हो रहा है टोकन और पास का वितरण
जम्मू में रातभर हुई झमाझम बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत देकर मौसम को बेहद सुहावना बना दिया है, वहीं इसने भोले के भक्तों के उत्साह को और दोगुना कर दिया है। टोकन धारक श्रद्धालुओं के लिए बुधवार तड़के से ही पंजीकरण की विधिक प्रक्रिया शुरू हो गई, जबकि नए आने वाले यात्रियों के लिए लगातार दूसरे दिन भी टोकन बांटे गए।
प्रशासन ने सुचारू व्यवस्था के लिए तवी नदी के किनारे स्थित जम्मू कृत्रिम झील (Artificial Lake) के पास निम्नलिखित स्थानों पर विशेष काउंटर बनाए हैं:
- गीता भवन
- राम मंदिर
- भगवती नगर काउंटर
Amarnath Yatra Offline Registration आस्था के अनोखे रंग: 14 साल का मौन व्रत और ‘योगी’ के लिए दुआएं
रजिस्ट्रेशन सेंटर्स के बाहर का माहौल पूरी तरह ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से सराबोर है। इस भीड़ में उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालु संधू राम किशन सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। सिर और सीने पर रुद्राक्ष की मालाओं के साथ विभिन्न देशों के सिक्के पहने किशन ने बताया कि वह साल 2006 से लगातार बाबा के दर्शन कर रहे हैं और उन्होंने 14 वर्षों तक मौन व्रत भी रखा है। वह इस मन्नत के साथ आए हैं कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन देश के प्रधानमंत्री बनें।
वहीं, पुणे से अपने पूरे परिवार के साथ आईं अनुष्का ने बताया कि उनके 70 वर्षीय पिता पिछले 10 साल से अकेले आ रहे थे, लेकिन इस बार पूरा परिवार एक साथ इस कठिन यात्रा को पूरा करने के संकल्प के साथ जम्मू पहुंचा है। राजस्थान से माता-पिता के साथ आईं नीलू सांगानी ने भी कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन पाना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।





