Gorakhpur Police Brutality Case: गोरखपुर में खाकी शर्मसार: जमीन विवाद में युवक की बेरहमी से पिटाई, चमड़ी उधड़ी; चौकी प्रभारी और दरोगा सस्पेंड, वीडियो वायरल

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Gorakhpur Police Brutality Case

Report: Aarun kumar

Gorakhpur Police Brutality Case उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से पुलिसिया हैवानियत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ तिवारीपुर थाना क्षेत्र में जमीन की पैमाइश के दौरान विरोध जताने पर पुलिसकर्मियों ने एक युवक को बंधक बनाकर इस कदर पीटा कि उसके शरीर की चमड़ी तक अलग हो गई। अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवक का यह दर्दनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद, देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी चौकी प्रभारी और दरोगा को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।

Gorakhpur Police Brutality Case क्या है पूरा मामला? (गलत पैमाइश का विरोध करने पर मिली ‘सजा’)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिवारीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मंझरिया के रहने वाले विवेक यादव की जमीन की पैमाइश चल रही थी। पीड़ित विवेक का आरोप है कि कुछ लोग उनकी अनुपस्थिति में गलत तरीके से जमीन नाप रहे थे। जब विवेक ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया और दोबारा सही पैमाइश कराने की मांग की, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी भड़क गए।

विवेक यादव ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि:

  • बंद कमरे में हैवानियत: पुलिस उसे जबरन मारते-पिटते हुए गाड़ी में डालकर पहले चौकी ले गई। वहां बंद कमरे में सूर्यकुंड चौकी प्रभारी शशि किरण सिंह, दरोगा दीपक गुप्ता और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे बेरहमी से लाठियों से पीटा।
  • थाने में भी पिटाई के बाद चालान: चौकी के बाद युवक को थाने ले जाकर दोबारा प्रताड़ित किया गया और बाद में धारा 151 (शांति भंग) के तहत चालान काटकर छोड़ दिया गया।

Gorakhpur Police Brutality Case हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती, मानवाधिकारों की उड़ी धज्जियां

परिजनों ने बताया कि पुलिस की बर्बर पिटाई के कारण विवेक की हालत इतनी बिगड़ गई कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विवेक के शरीर पर लाठियों के गहरे और डरावने जख्म साफ देखे जा सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के उन दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में पुलिस कस्टडी या पूछताछ के दौरान किसी भी नागरिक की पिटाई नहीं की जा सकती।

Gorakhpur Police Brutality Case एसएसपी (SSP) की चौखट पर पहुंचा मामला, दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड

घटना से आक्रोशित पीड़ित युवक ने अपने परिजनों के साथ एसएसपी और डीआईजी गोरखपुर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता और वायरल वीडियो के साक्ष्यों को देखते हुए एसएसपी गोरखपुर ने त्वरित एक्शन लिया।

  • तत्काल निलंबन: देर रात कार्रवाई करते हुए सूर्यकुंड चौकी प्रभारी शशि किरण सिंह और दरोगा दीपक गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया।
  • विभागीय जांच शुरू: मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी निमिष पाटिल ने मीडिया को बताया कि तिवारीपुर क्षेत्र की इस घटना की जांच क्षेत्राधिकारी (CO) कोतवाली को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे और भी सख्त वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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