सिद्धार्थनगर में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या

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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते की बुनियाद को हिला कर रख दिया है। एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 18 साल के वैवाहिक जीवन को मौत के अंधेरे में धकेल दिया। पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वो दिल दहला देने वाला है।

घटना की पृष्ठभूमि

  • स्थान: नजरगढ़वा गांव, ढेबरुवा थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
  • पीड़ित: कन्नन (पति)
  • आरोपी: संगीता (पत्नी) और अनिल शुक्ला (प्रेमी)

कन्नन ने करीब 18 साल पहले दिल्ली की रहने वाली संगीता से विवाह किया था। दोनों गांव में अलग घर बनाकर शांतिपूर्वक जीवन जी रहे थे। लेकिन करीब दो साल पहले संगीता की मुलाकात बलरामपुर निवासी अनिल शुक्ला से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता धीरे-धीरे एक गहरे प्रेम संबंध में बदल गया।

ऐसे रची गई हत्या की साजिश

  • अनिल और संगीता लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहे।
  • गांव में मिलने के लिए संगीता ने अनिल को अपना “बुआ का बेटा” बताकर लोगों को गुमराह किया।
  • 2 जून 2025 को संगीता ने पति कन्नन को रास्ते में जहरीला पदार्थ पिलाया।
  • फिर शव को बलरामपुर जिले में स्थित राप्ती नदी में फेंक दिया।

गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला राज

  • 5 जून को संगीता ने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
  • 9 जून को कन्नन के भाई बाबूलाल ने पुलिस को संदेह जताया कि हत्या में संगीता की भूमिका हो सकती है।
  • पूछताछ में संगीता ने हत्या की बात कबूल की और हत्या स्थल की जानकारी दी।

कंकाल बरामद, मामला उजागर

  • 10 जून: पुलिस ने संगीता की बताई जगह से कन्नन का कंकाल बरामद किया।
  • परिजनों ने कंकाल की पहचान कन्नन के रूप में की।

पुलिस का बयान

शोहरतगढ़ के सीओ सुजीत राय ने बताया:

“पत्नी संगीता ने 5 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा है। जब उससे कड़ी पूछताछ हुई तो उसने कबूल किया कि बलरामपुर के सेमरहना गांव के पास पुल से पति को नदी में फेंका गया। 10 जून को शव बरामद हुआ।”

  • पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है।
  • विधिक कार्यवाही जारी है।

इस घटना से क्या सबक मिलता है?

  • सोशल मीडिया और डिजिटल संवादों ने कई बार रिश्तों को जटिल बना दिया है।
  • इस केस से यह समझ आता है कि भरोसे और पारदर्शिता की कमी कैसे भयावह परिणाम ला सकती है।

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सिद्धार्थनगर की यह घटना समाज को झकझोरने वाली है। एक ओर 18 साल का साथ, तो दूसरी ओर विश्वासघात और हत्या। प्रेम, ईर्ष्या और छल का यह खतरनाक संगम अब कानूनी कार्रवाई की राह पर है।