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Rohtas: किसानों को मिली राहत, मुखिया की अनुमति से नीलगाय मारने की मिलेगी इजाजत

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Report by: Avinash Srivastaw

Rohtas: बिहार के रोहतास जिले के किसानों को नीलगायों से अपनी फसल बचाने के लिए राहत दी गई है। अब किसान अपनी फसल पर हो रहे नुकसान को रोकने के लिए नीलगाय मारने की अनुमति ले सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले उन्हें अपने पंचायत के मुखिया से लिखित अनुमति लेनी होगी।

Rohtas: मुखिया को देना होगा आवेदन

जिला वन पदाधिकारी स्टालिन फिडल के कुमार ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2022 में वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम के तहत किसानों को यह अधिकार दिया है। पीड़ित किसान पंचायत मुखिया को आवेदन देंगे और मुखिया स्थल का निरीक्षण करने के बाद नीलगाय मारने का आदेश जारी करेंगे।

Rohtas: वन विभाग के सूचीबद्ध शूटर ही करेंगे कार्रवाई

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डीएफओ ने बताया कि नीलगाय मारने का कार्य केवल वन विभाग के सूचीबद्ध शूटरों द्वारा किया जाएगा। मुखिया के आदेश के बिना कोई भी व्यक्ति नीलगाय को नहीं मार सकता। इसके अलावा अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Rohtas: फसल नुकसान के लिए मुआवजे का प्रावधान

वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जंगली जानवरों से हुई फसल क्षति के लिए मुआवजे का प्रावधान है। पीड़ित किसान नजदीकी रेंज ऑफिस को सूचना देंगे। इसके बाद वन विभाग और राजस्व अधिकारियों की टीम फसल नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी और उसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।

Rohtas: नीलगायों से फसलों को भारी नुकसान

रोहतास जिले में नीलगायों की संख्या अधिक होने के कारण किसानों की फसलें लगातार नुकसान में रहती हैं। ये जानवर भ्रमणशील हैं और लहलहाती फसलों को अपना भोजन बना लेते हैं, जिससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। इस समस्या से कई वर्षों से किसान परेशान थे, लेकिन अब यह नई व्यवस्था लागू होने से राहत मिलेगी।

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