Mohit Jain
पंजाब में पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, बावजूद इसके कि सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इस सीजन में अब तक कुल 743 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं। रविवार को अकेले 122 नए मामले सामने आए, जिससे कुल संख्या और बढ़कर 743 हो गई।

सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है। अब तक 266 मामलों में FIR दर्ज की गई है और 296 मामलों में किसानों की जमीन के रेवेन्यू रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई। इसके अलावा कुल 16 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
तरनतारन जिला सबसे आगे
पराली जलाने के मामले तरनतारन जिले में सबसे ज्यादा हैं। यहां अब तक 224 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद अमृतसर में कुल 154 मामले सामने आए हैं। आने वाले दिनों में धान की कटाई तेज होने के साथ यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। पिछले 6 दिनों में अकेले 328 मामले पंजाब में सामने आए।

पराली जलाने से बढ़ा AQI
लगातार पराली जलाए जाने की वजह से पंजाब के कई शहरों का AQI गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। जालंधर का AQI 439, बठिंडा का 321, लुधियाना का 260, अमृतसर का 257, पटियाला का 195 और मंडी गोबिंदगढ़ का 153 रिकॉर्ड किया गया। राजधानी दिल्ली का AQI भी कई जगहों पर 400 से पार जा चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से दिल्ली समेत आसपास के क्षेत्रों में हवा जहरीली हो रही है।
सरकार और प्रशासन लगातार चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि प्रदूषण में बढ़ोतरी पहले से मौजूद है, और पराली जलाने के मामले इसके बढ़ने की वजह बने हैं।
पराली जलाने के बढ़ते मामलों और प्रदूषण के कारण पंजाब और आसपास के राज्यों में पर्यावरण और स्वास्थ्य की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।





