BY: Yoganand Shrivastva
लखनऊ | उत्तर प्रदेश में बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में हालात गंभीर हैं। राज्य के 22 जनपदों की 48 तहसीलें पानी से घिरी हुई हैं, जिनमें कुल 589 गांव प्रभावित हैं। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन, पीने के पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
11 मंत्रियों की “टीम-11” मैदान में
सबसे ज्यादा प्रभावित 12 जिलों में राहत कार्य की निगरानी के लिए 11 मंत्रियों को प्रभारी बनाकर तैनात किया गया है। यह विशेष टीम मौके पर जाकर हालात का आकलन कर रही है, राहत शिविरों का निरीक्षण कर रही है और पीड़ित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।
राहत शिविर और सहायता
- सभी प्रभावित जिलों में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
- भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित की जा रही हैं।
- प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को तैनात किया है, जो नावों के जरिए फंसे लोगों को निकाल रही हैं।





