Pragati Ke Do Saal: मोहन यादव सरकार के कामकाज का नया विकास मॉडल

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by: vijay nandan

Pragati Ke Do Saal: विकास, सुरक्षा और सुशासन का नया मॉडल

प्रगति के दो वर्ष: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के दो वर्ष 13 दिसंबर को पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां साझा कीं। ‘प्रगति के दो वर्ष’ थीम के अंतर्गत प्रस्तुत यह उपलब्धि-रिपोर्ट प्रदेश में विकास, सुशासन, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक बदलाव की दिशा में प्राप्त उपलब्धियों की विस्तृत झलक पेश करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के विकास और सरकार की 2 वर्ष की उलब्धियों पर आधारित पुस्तकों का किया विमोचन

  1. कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, प्रदेश बना ‘नक्सल मुक्त प्रदेश’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि एक समय प्रदेश में नक्सली गतिविधियों का विस्तार चिंता का विषय था, परंतु पिछले दो वर्षों में सरकार ने इसे जड़ से समाप्त करने का कार्य किया।

मुख्य उपलब्धियां:

  • 1990 के बाद बढ़ी नक्सली गतिविधियों का पूर्ण अंत
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प— 2026 तक नक्सलवाद समाप्त—को लक्ष्य बनाकर प्रभावी रणनीति
  • एक वर्ष में 10 से अधिक दुर्दांत नक्सली ढेर, 42 दिनों में 42 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
  • मांग के अनुरूप पोस्टिंग लेने वाले साहसी अधिकारियों की तैनाती — IPS अधिकारियों की विशेष फील्ड निगरानी
  • पुनर्वास नीति ने मैदान में सकारात्मक असर दिखाया
  • पड़ोसी राज्य तेलंगाना की सरकार के साथ समन्वय कर संयुक्त अभियान

इस सुनियोजित प्रयास का परिणाम है:
मध्य प्रदेश आज “लाल आतंक” से पूरी तरह मुक्त है।

  1. नदी जोड़ो अभियान, सिंचाई क्रांति की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदेश में जल प्रबंधन और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो परियोजना ने अभूतपूर्व परिणाम दिए हैं।

मुख्य उपलब्धियां

  • नदी जोड़ो अभियान के परिणामस्वरूप सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ा
  • राजस्थान के साथ तालमेल कर इंटर-स्टेट प्रोजेक्ट
  • महाराष्ट्र के साथ वॉटर रिचार्ज प्रोजेक्ट तैयार
  • सिंहस्थ-2028 हेतु शिप्रा नदी से सुचारु स्नान व्यवस्था — 800 करोड़ की योजना
  • हर वर्ष जल संरचनाओं के पुनर्जीवन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान
  • हर बूंद को बचाने और बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का मॉडल विकसित
  1. औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर, एमपी बना निवेश का केंद्र
  • प्रदेश में उद्योग, रोजगार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर बड़ी प्रगति दर्ज की गई।
  • मुख्य घोषणाएं और उपलब्धियां
  • भोपाल में GIS आधारित विकास योजनाएं
  • सभी जिलों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव
  • सागर में ऑर्गैनिक खाद निर्माण
  • नीमच में देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्लांट
  • PM Mitra Park स्थापित—टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी मजबूती
  • यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन
  • बड़े शहरों को छोटे शहरों से जोड़कर मेट्रोपॉलिटन सिटी मॉडल विकसित
  • एयरपोर्ट की संख्या 7 से बढ़कर 9, 10वां निर्माणाधीन
  1. शिक्षा एवं चिकित्सा, नई ऊँचाइयों की ओर

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए।

  • मुख्य उपलब्धियां
  • 55 PM Excellence Colleges शुरू
    मेडिकल कॉलेजों की नई श्रृंखला स्थापित
    सरकारी अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों से जोड़ा जा रहा
    हुकुमचंद मिल विवाद का समाधान
  1. ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश

एमपी बना सरप्लस पावर स्टेट
पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली मध्य प्रदेश में उपलब्ध

  1. धर्म-पर्यटन और सांस्कृतिक पहल

19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी
विक्रमादित्य का महानाट्य आयोजित

  1. पर्यावरण संरक्षण — सतत विकास का संकल्प

जल संरचनाओं का संरक्षण
नदियों को जोड़कर जल प्रबंधन मजबूत
हर वर्ष जल संवर्धन अभियान
पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं का विस्तार

सुशासन, सुरक्षा और विकास का मजबूत मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार के दो वर्षों में मध्य प्रदेश ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास, जल प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। इन उपलब्धियों के आधार पर मध्य प्रदेश अब विकसित भारत—2047 के लक्ष्य की दिशा में निरंतर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय नजरिया:
मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होना सिर्फ उपलब्धियों की सूची भर नहीं, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तेज निर्णय क्षमता का संकेत भी है। नक्सल उन्मूलन से लेकर नदी जोड़ो परियोजना और औद्योगिक विस्तार तक सरकार ने कई मोर्चों पर सक्रियता दिखाई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में हुए कदम स्वागत योग्य हैं, पर इन परिणामों को जमीनी स्तर तक स्थायी रूप से पहुँचाने की चुनौती अभी भी मौजूद है। विकास के दावों के बीच सरकार को पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को और मजबूत करना होगा ताकि “प्रगति के दो वर्ष” वास्तव में दीर्घकालिक बदलाव का आधार बन सके।

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