Bhopal मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी को नई ऊंचाइयां देने के लिए एक बड़ी पहल करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे राजधानी के रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित होगा।
Bhopal “महिला नेतृत्व की यात्रा” पर केंद्रित होगी विशेष प्रदर्शनी
समारोह का मुख्य आकर्षण “महिला नेतृत्व की यात्रा” विषय पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी होगी। यह प्रदर्शनी समाज और शासन में महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने के साथ-साथ भविष्य की उज्ज्वल संभावनाओं का खाका भी पेश करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने पर प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियों के साथ संवाद करेंगे।
Bhopal जमीन से शिखर तक: दिग्गज महिलाएं होंगी शामिल
इस गरिमामयी कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग की सफल महिलाओं को आमंत्रित किया गया है।
- विशिष्ट अतिथि: महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, श्रीमती संपतिया उइके, श्रीमती कृष्णा गौर, श्रीमती प्रतिभा बागरी, श्रीमती राधा सिंह और शिक्षाविद सुश्री शोभा पेठणकर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी।
- प्रतिभाओं का संगम: कार्यक्रम में पद्मश्री विजेता, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर और कलाकारों के साथ-साथ लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और स्व-सहायता समूहों की सदस्य भी शामिल होंगी। मैदानी स्तर पर काम करने वाली महिला अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि भी इस विमर्श का हिस्सा बनेंगी।
Bhopal गांव-गांव तक पहुँच रही है ‘शक्ति वंदन’ की गूँज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह अभियान केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, जहाँ ग्रामीण महिलाओं को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के महत्व से अवगत कराया गया। पखवाड़े के दौरान प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ और शिक्षण संस्थानों में ‘युवा संवाद’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवा पीढ़ी को भी इस सामाजिक और राजनीतिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि कर मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाए।





