BY: Yoganand Shrivastva
भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच होने वाली अहम बातचीत सोमवार दोपहर के लिए निर्धारित थी, लेकिन अचानक यह टल गई। अब यह बातचीत शाम को होगी। इस बीच, भारत की तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को संबोधित कर रहे हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे:
- एयर मार्शल एके भारती
- लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई
- वाइस एडमिरल एएन प्रमोद
- मेजर जनरल एसएस शारदा
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना का बड़ा बयान
तीनों सेनाओं ने मिलकर बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारत ने केवल आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की है, न कि पाकिस्तान की सेना के खिलाफ। कार्रवाई का उद्देश्य पीओके और पाकिस्तान में मौजूद टेरर कैंप्स और उनके सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करना था।
एयर मार्शल एके भारती के बयान की मुख्य बातें
1. आतंकी ठिकानों को किया गया निशाना:
“7 मई को भारतीय वायुसेना ने आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। दुर्भाग्यवश, पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ देकर खुद को इस लड़ाई में शामिल कर लिया।”
2. एयर डिफेंस सिस्टम ने दिखाई ताकत:
“हमारी रक्षा प्रणाली देश के लिए दीवार की तरह खड़ी रही।”
प्रमुख सफलताएं:
- चीनी PL मिसाइल को मार गिराया
- लॉन्ग रेंज रॉकेट को निष्क्रिय किया
- यूएवी (ड्रोन) और लाइट एम्युनिशन सिस्टम को रोका
- फाइटर जेट्स के हमलों को नाकाम किया
इन सभी कार्रवाइयों के फुटेज और सैटेलाइट इमेजेज प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए।
टारगेट्स पर पिन-प्वाइंट एक्यूरेसी
एयर मार्शल ने विशेष रूप से दो एयरबेस पर हमलों का ज़िक्र किया:
- नूर खान एयरबेस
- रहीमयार खान एयरबेस
“हमारे हथियारों की सटीकता इतनी अधिक थी कि इन हमलों ने केवल आतंकियों और उनके ढांचों को ही निशाना बनाया, जिससे नागरिक संपत्ति को न्यूनतम नुकसान पहुंचा।”
भारत का रुख स्पष्ट: आतंक के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस
तीनों सेनाओं ने मिलकर यह स्पष्ट कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ बिना समझौते की नीति पर काम कर रहा है। यह कार्रवाई पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक जैसी सटीक कार्रवाई थी।





