रिपोर्ट- विशाल कुमावत by:vijay nandan
बड़वाह: मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल में स्थित सुंदरधाम आश्रम, एक बार फिर अध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रहा है। यहां 31 मई से 5 जून तक 77वें श्री विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना देगा। इस ऐतिहासिक अनुष्ठान में देशभर से संत-महंतों का आगमन होगा और नर्मदा तट पर श्रद्धा, तप और भक्ति की त्रिवेणी बहेगी।
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भीषण गर्मी में चल रही संतों की कठिन साधना
- सुंदरधाम आश्रम में बसंत पंचमी से चल रही साधना अब अंतिम चरण में पहुंच रही है।
- संत अग्नि के चारों ओर बैठकर, सिर पर जलते हुए खप्पर में कंडे रखकर तप कर रहे हैं।
- इस कठिन तपस्या को “कोठ-खप्पर धुनी तप” कहा जाता है।
- श्रद्धालु प्रतिदिन बड़ी संख्या में आश्रम पहुंचकर इस विलक्षण साधना के साक्षी बन रहे हैं और संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
- यह तप गंगा दशमी के दिन, यानी 5 जून को समाप्त होगा।

“सीताराम” के नाम से गूंज उठा आश्रम
सुंदरधाम आश्रम का वातावरण इन दिनों “सीताराम… सीताराम” के मधुर उच्चारण से गूंज रहा है।
- साक्षात्कारी हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्धालु बैठकर लगातार रामनाम का जाप कर रहे हैं।
- यह स्थान संतों की तपोभूमि होने के कारण विशेष श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।
- महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 बालकदास महाराज और श्रीश्री 108 नारायणदास महाराज जैसे महापुरुषों की उपस्थिति से वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया है।

77वां श्री विष्णु महायज्ञ: 31 मई से 5 जून तक
- 6 दिवसीय यह महायज्ञ गंगा दशमी (5 जून) के दिन सम्पन्न होगा।
- पिछले 76 वर्षों से मां नर्मदा के तट पर यह आयोजन निरंतर हो रहा है।
- इस वर्ष 77वें आयोजन को विशेष भव्यता दी जा रही है।
मुख्य आकर्षण:
- हर दिन प्रातः और संध्या विशाल भंडारे का आयोजन
- संत-महंतों का स्वागत व संत समागम
- धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
- 4 जून को विशेष संत समागम, जिसमें बड़ी संख्या में संतों का आगमन संभावित है।
आयोजन की तैयारियाँ जोरों पर
- आयोजन को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।
- आश्रम से जुड़े भक्त इस कार्य को एक धार्मिक दायित्व के रूप में निभा रहे हैं।
- श्रद्धालुओं की सुविधा और सत्कार के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।





