MGNREGA Protest : भुगतान में देरी बना सबसे बड़ा मुद्दा
MGNREGA Protest : देहरादून जिले के कालसी ब्लॉक मुख्यालय पर प्रधान संगठन का अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी है। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण मनरेगा योजना के नए स्वरूप में आ रही समस्याएं हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे योजना के प्रति उनका विश्वास कम होता जा रहा है।

MGNREGA Protest : तकनीकी प्रक्रियाएं बनी बाधा
धरने पर बैठे प्रधानों का आरोप है कि नई डिजिटल प्रक्रियाएं जैसे रेटिना स्कैन आधारित उपस्थिति और ई-केवाईसी (e-KYC) ने योजना को जटिल बना दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में कमजोर नेटवर्क कनेक्टिविटी के चलते ये प्रक्रियाएं सुचारू रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं, जिससे कई मजदूर काम करने के बावजूद भुगतान से वंचित रह जाते हैं।
MGNREGA Protest : मजदूरों का मनरेगा से मोहभंग
ग्राम प्रधानों के अनुसार, तीन-तीन महीने तक मजदूरी का भुगतान लंबित रहने के कारण मजदूर अब काम मांगने से कतरा रहे हैं। इसके अलावा विकास कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री भुगतान भी करीब 60 प्रतिशत तक अटका हुआ है, जिससे गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
MGNREGA Protest : कार्य दिवस बढ़े, लेकिन समस्याएं बरकरार
सरकार ने मनरेगा के तहत कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाकर 125 कर दी है, लेकिन जमीनी स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण इसका लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक भुगतान प्रणाली और प्रक्रियाओं को सरल नहीं बनाया जाएगा, तब तक योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा।
MGNREGA Protest : समाधान की ओर टिकी निगाहें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए, ताकि मजदूरों का भरोसा मनरेगा योजना पर बना रहे। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इन व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का किस तरह समाधान करते हैं।
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